परिवहन मंत्री कैलाश गहलोत ने आदेश दिया है कि अभी एचएसआरपी को लेकर कोई भी नया अभियान शुरू न किया जाए। दरअसल एचएसआरपी को लेकर सरकार को काफी शिकायतें मिल रही थी।
ऑनलाइन एचएसआरपी और कलर कोडेड स्टिकर को लगवाने की अपॉइंटमेंट के बाद भी बहुत से लोग अपनी गाड़ियों में नंबर प्लेट नहीं लगवा पा रहे थे।
दिल्ली सरकार की तरफ से बताया गया है कि एचएसआरपी को लेकर अभी कोई भी आखिरी तिथी तय नहीं की जाएगी।
इससे पहले दिल्ली सरकार की तरफ से हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट (एचएसआरपी) और कलर कोडेड स्टिकर के लिए ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया को आसान किया गया था। ऑनलाइन पोर्टल पर अब किसी भी तरह के डॉक्युमेंट को अपलोड करने की जरूरत नहीं है। दरअसल आवेदन प्रक्रिया से अब गाड़ी के रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट और आईडी प्रूफ की सॉफ्ट कॉपी को अपलोड करने की शर्त को हटा दिया गया है।
अब एचएसआरपी और कलर कोडेड स्टीकर के लिए ऑनलाइन आवेदन करने पर आपको केवल गाड़ी का इंजन नंबर और चेसिस नंबर भरना होगा।
अलग-अलग वाहनों के लिए एचएसआरपी की कीमतें अलग-अलग हैं। जैसे कार के लिए इसकी कीमत 600 से 1000 रुपये के बीच है। वहीं, दो पहिया वाहनों के लिए इसकी कीमत 300 से 400 रुपये तक है।
इन दिनों हर कोई एक सवाल पूछ रहा है कि हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट में ऐसा क्या खास है, जो इसे न लगवाने पर भारी जुर्माना भरना पड़ेगा। तो इसका जवाब है सुरक्षा।
पुलिस की पकड़ से दूर भागने के लिए चोर सबसे पहले गाड़ियों के नंबर प्लेट के साथ छेड़छाड़ करते हैं। लेकिन एल्यूमिनियम की बनी नई हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट बदली नहीं जा सकती। आसान भाषा में समझें तो एचएसआरपी को ऐसे बनाया जाता है कि जैसे ही चोर इसे बदलने की कोशिश करेगा वैसी यह टूट जाएगी। ऐसे में गाड़ी पर नई नंबर प्लेट वही लगवा सकता है जिसके पास वाहन के पूरे कागजात हों क्योंकि नई नंबर प्लेट रजिस्टर्ड जगहों से ही लगवाई जा सकती है। ऐसे में वाहन चोर के पकड़े जाने की संभावना रहेगी।