हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट आने के बाद के भी वाहन चोरी के अपराधों में लगाम नहीं पा रही है। नेशनल क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो (NCRB) के आंकड़ों से जाहिर होता है कि वाहन चोरी के आंकड़ों में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। वहीं वाहन चोरी के मामले में दिल्ली नंबर वन है। NCRB 2017 के आंकडों के मुताबिक पूरे देश में दो लाख 25 हजार वाहन चोरी के मामले सामने आए इनमें दिल्ली में सबसे ज्यादा वाहन चोरी हुए।
NCRB 2017 के आंकड़े बताते हैं कि देशभर में वाहन चोरी के मामलों में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। 2015 में एक लाख 99 हजार, 2015 में दो लाख 13 हजार और 2017 में दो लाख 25 हजार वाहन चोरी के मामले सामने आए। राजधानी दिल्ली में 41 हजार से ज्यादा वाहन चोरी के केस दर्ज किए गए। साथ ही, सात केंद्र शासित प्रदेशों में भी दिल्ली अव्वल रहा। दिल्ली के बाद उत्तर प्रदेश में वाहन चोरी के 25 हजार मामले दर्ज हुए।
इसके बाद क्रमशः महाराष्ट्र (23371), राजस्थान (17675), मध्य प्रदेश (16542), हरियाणा (16264), बिहार (15459) का नंबर रहा। वहीं उत्तर पूर्वी राज्यों में वाहन चोरी के सबसे कम मामले सामने आए। इनमें सिक्किम में सबसे कम 15 वाहन चोरी के मामले दर्ज किए गए, जबकि केंद्र शासित प्रदेशों में लक्षद्वीप अकेला ऐसा राज्य रहा, जहां वाहन चोरी का एक भी मामला दर्ज नहीं हुआ।
शहरों की बात करें, तो दिल्ली के बाद बंगलुरू ऐसा राज्य रहा जहां सबसे ज्यादा 6155 वाहन चोरी के मामले दर्ज हुए, जिसके बाद जयपुर (4900), पुणे (3169), लखनऊ (3101), मुंबई (3085), इंदौर (2977), पटना (2882) और गाजियाबाद (2394) में सबसे ज्यादा वाहन चोरी हुए। वहीं कोझीकोड, कोच्चि में सबसे कम क्रमशः 113 और 121 मामले वाहन के सामने आए।
एनसीआरबी के आकड़ों के मुताबिक वाहन चोरी के मामलों में गिरफ्तार आरोपियों में से 4090 नाबालिग थे। वाहन चोरी में शामिल 18 साल से कम और 30 साल से कम उम्र वाले आरोपियों में पुरुषों की संख्या 69765 थी, जबकि 53 महिलाएं वाहन चोरी के मामले में शामिल थीं। वहीं 30 से ज्यादा और 45 साल से कम उम्र वाले आरोपियों की संख्या 33196 थी, जिनमें इसी उम्र की 68 महिलाएं भी शामिल हैं। 45 साल से ऊपर और 60 साल से नीचे उम्र वाले आरोपियों की संख्या 6352 थी, जिनमें 18 महिलाएं ऐसे वाहन चोरी के अपराधों में शामिल रहीं। 60 साल से ज्यादा उम्र वाले आरोपियों की संख्या 75 रही। कुल मिलाकर वाहन चोरी के मामले में 113531 लोग गिरफ्तार किए गए, जिनमें 139 महिलाएं शामिल थीं।
आकड़े बताते हैं कि 2017 में 1255 करोड़ रुपये के 225995 चोरी वाहनों में पुलिस ने मात्र 410 करोड़ की कीमत के 56239 वाहन ही बरामद किए। सबसे ज्यादा 193021 दोपहिया वाहन मोटरसाइकिल/स्कूटर चोरी हुए, जबकि कार-जीप की संख्या 20001 थी।