अक्सर देखने में आता है लोकल जगह से गाड़ी की सर्विस कराते समय मैकेनिक बैटरी के टर्मिनल पर ग्रीस लगा देते हैं लेकिन बैटरी एक्सपर्ट बताते हैं कि ऐसा बिलकुल नहीं करना चाइये। टर्मिनल पर ग्रीस लगाने से बैटरी खराब हो सकती है। इसलिए ग्रीस की जगह पैट्रोलियम जैली या फिर वैसलीन का इस्तेमाल कर सकते हैं। याद रखें हमेशा बैटरी टर्मिनल को साफ रखें।
बैटरी एक्सपर्ट के मुताबिक महीने में दो बार बैटरी की जांच करना जरूर। अक्सर बैटरी टर्मिनल के पास एसिड जमा हो जाता है जिसे साफ करना बेहद जरूरी है, क्योंकि यह आपकी बैटरी का दुश्मन भी है। कार में बैटरी ही ऊर्जा का प्रमुख स्रोत है। अगर बैटरी मेंटेनेंस फ्री नहीं है और उसमें बैटरी वाटर का इस्तेमाल किये जाता है।
आजकल जितनी भी बैटरी आ रही हैं उन पर 48 महीने की वारंटी मिलती है लेकिन सही मायनों में बैटरी एक साल के बाद ही खराब होने लगती हैं और बहुत अच्छा रखरखाव हो तो दो साल तक चल जाती हैं लेकिन फिर दिक्कतें आनी शुरू हो जाती हैं। अगर आपकी कार की बैटरी भी 2 साल के भीतर दिक्कत करना शुरू कर रही है तो इसे समय रहते बदलवा लें।
अगर आपकी कार चलते-चलते हीट हो जाए तो याद रखिये इसका असर कार की बैटरी पर भी पड़ता है। ऐसे में कार की बैटरी का पानी जल्दी सूख जाता है। इससे बैटरी जल्दी ऑक्सीडाइज्ड हो जाती है। इसलिए इंजन की देखभाल बेहद जरूरी है। अगर इंजन सही रहेगा तो बैटरी और अन्य पार्ट्स भी अपना काम ठीक से करेंगे।
सर्दी के मौसम में अक्सर कार स्टार्ट नहीं होती, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि बैटरी खराब है। लेकिन आपको जानकर हैरानी होगी कि बैटरी गर्मी के मौसम में ज्यादा खराब होती है। इसकी सबसे बड़ी वजह यह है कि गर्मी में बैटरी जल्दी गर्म होती है और ओवरचार्ज होती है जिससे बैटरी जल्दी खराब होने लगती है।
रात में ड्राइव करते समय अगर हेडलाइट कम या ज्यादा हो रही हो, फिर हॉर्न की आवाज में कमजोरी नजर आये तो समझ जाना चाइये कि बैटरी में गड़बड़ है। बैटरी के टर्मिनल के आस-पास सफेद निशान देखने को मिले तो समझ जाना चाइये कि बैटरी में गड़बड़ है। अगर स्पीडो मीटर में बैटरी की लाइट ठीक से नहीं दिख रही तो भी यह इस बात का संकेत है कि बैटरी की सेहत खराब है।
अगर आप रोजाना गाड़ी नहीं चलाते, तो एक दिन छोड़कर एक दिन आप अपनी कार को कुछ देर के लिए स्टार्ट कर दें। या फिर एक छोटा सा चक्कर लगा लें इससे बैटरी चार्ज हो जाएगी। इस बात पर जरूर ध्यान देना चाइये कि बैटरी अपनी जगह पर बिलकुल फिट है या नहीं, क्योकिं कई बार ढीली फिटिंग की वजह से चलती गाड़ी में बैटरी को नुकसान होता है।