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आम आदमी के लिए कार बनाने वाली कंपनी की कारें सबसे सेफ

Sat, 15 Apr 2017 11:59 AM IST
amarujala.com- Written by : अभिषेक मिश्रा
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कभी आम आदमी की चार पहिया बनाने वाली कंपनी मारुति सुजुकी अब सुरक्षित कारों के निर्माण में सबसे आगे निकल रही है। नए क्रैश नियमों को पूरा करने के मामले में देश मारुति देश की अन्य वाहन निर्माता कंपनियों से आगे निकल गई है।
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कंपनी के पांच मॉडल्स ने सेफ्टी टेस्ट को सफल तरीके से पास किया है। मारुति की एस क्रॉस, इग्निज, बलेनो, विटारा ब्रेजा और सियाज पेडेस्ट्रियन, ऑफसेट-फ्रंटल और फुल फ्रंटल कैश सेफ्टी नॉर्म्स का टेस्ट पास किया है। 

कंपनी के रिसर्च व डेवल्पमेंट के एग्जिक्यूटिव डायरेक्टर सी वी रमन ने बाताय कि कंपनी ने 35 से 40 अलग अलग क्रैश टेस्ट किए। ये टेस्ट सभी वेरिएंट्स पर किए गए। जिससे कार में कमी का पता लगाया जा सके। 
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आपको बता दें कि वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गेनाइजेशन की 2015 में जारी एक रिपोर्ट के अनुसार भारत में दुनिया के किसी अन्य देश के मुकाबले सड़क हादसे में मरने वालों की संख्या ज्यादा है। दुनिया में प्रति वर्ष लगभग 12.5 लाख लोगों की जान सकड़ दुर्घटना में जाती है। इसमें के 2 लाख मौतें अकेले भारत में होती है। 
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भारत को हर साल 58 अरब डॉलर का होता है नुकसान

एक्सपर्ट्स का कहना है कि सड़क हादसों में होने वाली इन मौतों का कारण सेफ्ली नियमों में ढिलाही, नियमों का पालन न करना, वाहनों का सही रखरखाव न होना और भारत की खराब सड़को का होना है। 

यूनाइटेड नेशंस इकोनॉमिक एंड सोशल कमीशन फॉर एशिया एंड पैसिफिक की एक रिपोर्ट में दावा किया गया है कि सड़क हादसों के चलते भारतीय अर्थव्यवस्था को हर साल 3 फीसदी यानी 58 अरब डॉलर का नुकसान होता है। इस स्टडी में 19 देशो को शामिल किया गया था, जिसमें भारत दुसरे स्थान पर था। भारत से ज्यादा केवल जापान को नुकसान होता है। 

सड़क हादसो को देखते हुए सरकार सेफ्टी नियमों को सक्ती से लागू करने में लगी है। सरकार एयरबैग्स, एंटी लॉक ब्रेकिंग सिस्टम और क्रैश टेस्ट को आवश्यक करने में लगी है। भारत न्यू व्हीकल सेफ्टी असेसमेंट प्रोग्राम के तहत सभी पैसेंजर व्हीकल को ये टेस्ट पास करने होंगे। हालांकि ऑटो कंपनिया इस नियमों के लिए एक से दो साल का वक्त मांग रही हैं। 
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