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Maruti के नक्शेकदम पर Mahindra & Mahindra, 1,500 कर्मचारियों को किया बाहर

Mon, 19 Aug 2019 12:51 PM IST
Harendra Chaudhary ऑटो डेस्क, अमर उजाला
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Mahindra Car Plant - फोटो : File Photo (Twitter)
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ऑटो सेक्टर में बढ़ती मंदी को देखते हुए मारुति की तर्ज पर दूसरी कंपनियां भी कर्मचारियों को बाहर का रास्ता दिखा रही है। यूटिलिटी व्हीकल्स बनाने वाले कंपनी महिंद्रा एंड महिंद्रा ने भी खुलासा किया है उसने अप्रैल से लेकर अभी तक कई सौ अस्थाई कर्मचारियों की छंटनी की है।

1,500 कर्मचारियों की छंटनी

इससे पहले देश की सबसे बड़ी वाहन निर्माता कंपनी मारुति सुजुकी ने खुलासा किया था कि मंदी के चलते उसने 3,000 अस्थाई कर्मचारियों को नौकरी से बाहर कर दिया है। महिंद्रा एंड महिंद्रा के प्रबंध निदेशक पवन गोयनका ने खुलासा किया है कि कंपनी 01 अप्रैल से लेकर अभी तक 1,500 अस्थाई कर्मचारियों की छंटनी कर चुकी है।

सप्लायर, डीलर भी कर रहे तैयारी

श्रीलंका में कंपनी के पहले स्थानीय असेंबलिंग प्लांट के उद्घाटन के मौके पर गोयनका ने आगे कहा कि उनकी कोशिश रहेगी कि और लोगों को न हटाया जाए, लेकिन मंदी आगे भी जारी रही, तो और भी कर्मचारियों को हटाया जा सकता है। इस महीने की शुरुआत में गोयनका ने यह मद्दा उठाया था और कहा था कि सप्लायर, डीलर और मूल उपकरण निर्माता लोगों की छंटनी की तैयारी कर रहे हैं।

दिवालिया घोषित करने के लिए तैयार

उन्होंने आगे कहा कि आगामी त्यौहारी सीजन भारतीय ऑटो इंडस्ट्री के लिए काफी अहम है, और उस दौरान भी मंदी का दौर जारी रहता है, तो नौकरियों और निवेश पर तो संकट गहराएगा ही, साथ ही कई सप्लायर खुद को दिवालिया घोषित कर देंगे। उन्होंने उद्योग को मंदी से बचाने के लिए सरकार से समर्थन मांगते हुए कहा कि सरकार अगर छह से आठ महीने तक इंडस्ट्री की मदद कर दे, तो कई बड़े बदलाव देखने को मिल सकते हैं।

19 साल की सबसे बड़ी गिरावट

इस जुलाई में यात्री वाहनों की बिक्री में 19 साल की सबसे बड़ी गिरावट दर्ज हुई है, जब बिक्री घटकर 18.71 फीसदी तक पहुंच गई है। ऑटोमोटिव कंपोनेंट मैन्यूफैक्चरर्स एसोसिएशन यानी एक्मा ने अंदेशा जताया है कि अगर मांग में सुधार नहीं आया, तो 10 लाख नौकरियां जा सकती है। वहीं फेडरेशन ऑफ ऑटोमोबाइल डीलर्स एसोसिएशन का कहना है कि पिछले तीन महीने में दो लाख लागों की छंटनी हो चुकी है।

मारुति ने निकाले 3,000 कर्मचारी

देश की सबसे बड़ी कार निर्माता कंपनी Maruti Suzuki ने बिक्री घटने के चलते अपने 3,000 अस्थायी कर्मचारियों की छंटनी कर दी है इतना ही नहीं नई भर्तियों को रोकने की योजना बनाई है। मारुति सुजुकी इंडिया लिमिटेड के चेयरमैन आरसी भार्गव के मुताबिक मंदी के चलते अस्थार् कर्मियों के कॉन्ट्रैक्ट को रिन्यू नहीं किया जा रहा है, लेकिन स्थाई कर्मचारियों को हटाने की फिलहाल कोई योजना नहीं है।

टोयोटा और ह्यूंदै ने घटाया उत्पादन

दूसरी तरफ मारुति के बाद टोयोटा और ह्यूंदै ने गाड़ियों के उत्पादन में कटौती की है। टोयोटा ने कर्नाटक स्थित प्लांट में इनोवा क्रिस्टा और फॉर्च्यूनर का उत्पादन घटा दिया है। वहीं प्लांट कुल क्षमता का 50-55 फीसदी उत्पादन कर रहा है। वहीं ह्यूंदै ने भी अपने चेन्नई स्थित प्लांट में कटौती की है।  

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