आयुकावा ने पीटीआई-भाषा से एक बयान में कहा, ‘‘हमें कुल उत्पादन का 10 प्रतिशत निर्यात करने की उम्मीद है। यदि हमारा उत्पादन 20 लाख इकाई होता है तो हम दो लाख इकाइयां निर्यात करने की उम्मीद कर रहे हैं। यदि अवसर बढ़ता है तो हम इसे और बढ़ाएंगे। आदर्श स्थिति में निर्यात को कुल उत्पादन का 20 से 25 प्रतिशत होना चाहिए।’’
मारुति चिली, इंडोनेशिया, दक्षिण अफ्रीका, उरुग्वे और नेपाल जैसे बाजारों में निर्यात करती है। कंपनी ऐसे मॉडलों पर भी विचार कर रही है जिन्हें यूरोप और जापान जैसे विकसित देशों में भी निर्यात किया जा सके। अभी कंपनी बलेनो को जापान के बाजार में निर्यात करती है।
आयुकावा ने कहा कि हम अन्य मॉडलों (बलेनो को छोड़कर) के लिए अध्ययन कर रहे हैं, जिन्हें जापान और अन्य बाजारों को निर्यात किया जा सके। हमें दांये हाथ से वाहन चलाने वाले बाजार के साथ-साथ बांए हाथ से वाहन चलाने वाले वाहनों को भी बनाने की जरूरत है।वित्त वर्ष 2017-18 में कंपनी का निर्यात 1,26,074 इकाई था। जबकि चालू वित्त वर्ष की अप्रैल-दिसंबर अवधि में कंपनी ने 81,000 वाहनों का निर्यात किया है।