मारुति सुजुकी इंडिया भारत चरण छह (बीएस-6) मानकों के अनुरूप वाहनों के विनिर्माण के लिए ‘अतिरिक्त’ प्रयास कर रही है। कंपनी के एक वरिष्ठ अधिकारी का कहना है कि इन कड़े उत्सर्जन नियमों को पूरा करने के लिए वह 15 से अधिक मॉडलों के लिए 40 तरह के पावरट्रेन संस्करण बनाने पर काम कर रही है।
उच्चतम न्यायालय के निर्देश के अनुसार एक अप्रैल, 2020 से सिर्फ बीएच-6 अनुपालन वाले मॉडल ही बेचे जा सकेंगे। कंपनी ने तय समयसीमा से पहले बीएस-6 मानकों पर खरा उतरने के लिए अपने इंजीनियरिंग और अनुसंधान एवं विकास से जुड़ी टीमों को भी लगाया है।
मारुति सुजुकी इंडिया के वरिष्ठ कार्यकारी निदेशक सी वी रमन ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया, “हम बहुत मेहनत कर रहे हैं, हम अतिरिक्त समय में भी काम कर रहे हैं। किसी भी अन्य विनिर्माता के पास इस तरह का काम नहीं है। हमारे पास सबसे अधिक मॉडल और पावरट्रेन हैं।”
उनसे उच्चतम न्यायालय के निर्देश के बारे में पूछा गया था।