मारुति सुजुकी ने 22 मार्च से राष्ट्रीय नीति के अनुसार अपने संयंत्रों में उत्पादन निलंबित कर दिया था। इस तरह, कंपनी ने मार्च महीने में कुल 76,240 यूनिट्स पैसेंजर गाड़ियों की बिक्री की। यह 2019 के मार्च में बेची गई 1,45,031 यूनिट्स की तुलना में 47.4 फीसदी कम है। Omni (ओमनी) और Eeco (ईको) जैसी वैन की मांग पिछले महीने में केवल 5,966 यूनिट्स की बिक्री के साथ बहुत ज्यादा गिर गई।
कॉम्पैक्ट सेगमेंट
कॉम्पैक्ट सेगमेंट को भी बहुत ज्यादा नुकसान उठाना पड़ा है, जहां सिर्फ 40,519 यूनिट्स की बिक्री हुई, जबकि मार्च 2019 में 82,532 यूनिट्स की बिक्री हुई थी। इस सेगमेंट में कंपनी की WagonR (वैगनआर), Swift (स्विफ्ट), Celerio (सेलेरियो), Ignis (इग्निस), Dzire (डिजायर), Tour S (टूर एस) और Baleno (बलेनो) जैसे लोकप्रिय मॉडल शामिल हैं।
यूटिलिटी व्हीकल्स सेगमेंट
Ertiga (एर्टिगा), Vitara Brezza (विटारा ब्रेजा), S-Cross (एस-क्रॉस) और XL6 (एक्सएल6) जैसे यूटिलिटी व्हीकल्स की बिक्री पर असर पड़ा है। इस सेगमेंट में 53.4 फीसदी की गिरावट के साथ 11,904 यूनिट्स की बिक्री हुई, जो 2019 के मार्च में 25,563 यूनिट्स थी। यह स्थिति इस महीने में नई विटारा ब्रेजा के लॉन्च के बावजूद देखी गई।
हैचबैक सेगमेंट
हालांकि Ciaz (सियाज) की मांग भी कम रही। मारुति सुजुकी ने चुनौतियों के बावजूद 2020 की मार्च में ऑल्टो और एस-प्रेसो की 15,988 यूनिट्स बेचीं, जबकि 2019 के इसी महीने में 16,826 यूनिट्स की बिक्री हुई थी। इसमें सिर्फ 5 फीसदी की गिरावट हुई।
निर्यात भी प्रभावित
इसके अलावा, संयंत्र बंद होने से निर्यात भी प्रभावित हुआ और सिर्फ 4,712 यूनिट्स ही विदेशी बाजारों में भेजी गईं। मार्च 2019 की तुलना में यह 55 फीसदी की गिरावट है।
'लोगों की सुरक्षा अहम'
मारुति सुजुकी ने एक प्रेस रिलीज में कहा है कि परिचालन बंद रहने की वजह से मार्च 2020 की बिक्री की तुलना मार्च 2019 से नहीं हो सकती। इसके पीछे एक बड़ा कारण कोरोनो वायरस महामारी है जिसने पूरे भारत और दुनिया भर में मोटर वाहन उद्योग को एक गंभीर झटका दिया है। ऐसे समय में, OEM (ओईएम) (ओरिजिनल इक्यूपमेंट मैन्युफैक्चर्स) का कहना है कि लोगों की सुरक्षा उनकी पहली प्राथमिकता है और कुछ कंपनियां - जैसे मारुति सुजुकी - भी प्रमुख चिकित्सा उपकरणों के निर्माण की प्रक्रिया में मदद करके इस लड़ाई में शामिल हो गई हैं।