खबरों के मुताबिक माइक्रो एसयूवी महिंद्रा KUV100 NXT में 3 सिलेंडर 1.2 लीटर डीजल इंजन लगा है। लेकिन इस इंजन की मांग में लगातार कमी दर्ज की जा रही है। वहीं महिंद्रा के बाकी 7 इंजनों बीएस-6 प्रदूषण मानकों के मुताबिक अपडेट किया जाएगा। नए मानक अप्रैल 2020 से लागू होने वाले हैं, ऐसे में डीजल इंजनों पर इसका सबसे ज्यादा असर पड़ेगा।
पेट्रोल इंजनों के मुकाबले डीजल इंजन ज्यादा नाइट्रोजन आक्साइड का उत्सर्जन करते हैं ऐसे में उन्हें बीएस-6 मानकों के अनुरुप 68 प्रतिशत नाइट्रोजन आक्साइड और 82 प्रतिशत पार्टीकुलेट मैटर्स का उत्सर्जन कम करना पड़ेगा। महिंद्रा पहले ही अपने डीजल इंजनों को बीएस-6 मानकों के मुताबिक अपडेट करने के लिए 1000 करोड़ का निवेश कर चुकी है।
कंपनी का दावा है कि टेस्टिंग के लिए इस्तेमाल किए जा रहे उसके 136 प्रोटोटाइप वाहन पहले ही 69 लाख किमी की दूरी तय कर चुके हैं। वहीं नए इंजनों को लेकर 30 से ज्यादा पैटेंट्स फाइल किए हैं और पूरे पोर्टफोलियो में 1482 नए कंपोनेंट्स शामिल किए हैं।
इसके अलावा महिंद्रा सुप्रो और जीतो कॉमशियल पिकअप्स में आने वाले 600सीसी और 900सीसी के इंजनों को अपडेट करेगी। कंपनी इनमें बीएस-6 मानककों के मुताबिक टर्बोचार्जस लगाएगी। बोलेरो पावर प्लस और टीयूवी300 में आने वाला 1493 सीसी की 3 सिलेंडर मोटर को बीएस-6 में अपग्रेड किया जाएगा।
वहीं महिंद्रा एक्सयूवी300 और मराजो एमपीवी में आने वाले बाकी दो 1.5 लीटर 4 सिलेंडर इंजन में कंपनी सीआरएस यानी कैटेलिटिक रिडक्शन सिस्टम लाएगी, जो नाइट्रोजन आक्साइड के उत्सर्जन को कम करने में मदद करेगा। इसके अलावा इंजनों में डीपीएफ यानी डीजल पार्टिकुलेट फिल्टर लगाएगी।
इसके अलावा स्कॉर्पियो और एक्सयूवी 500 में आने वाले 2.2 लीटर 4 सिलेंडर डीजल इंजन को भी अपडेट करेगी। एक्सयूवी 500 में यह इंजन 155 एचपी की पावर और 360 एनएम का टॉर्क देता है, वहीं स्कॉर्पियो में 140 एचपी की पावर और 320 एनएम का टॉर्क देता है। इस इंजन में कंपनी डीपीएफ और एससीआर सिस्टम लगाएगी। इससके अलावा बोलेरो कॉमर्शियल में आने वाला 2.5 लीटर के इंजन को भी अपग्रेड किया जाएगा।