भारत के ऑटोमोबाइल उद्योग के लिए कोरोना वायरस महामारी की शक्ल में वरदान साबित हो सकता है। भारतीय ऑटो सेक्टर इस महामारी के प्रकोप के पहले भी बिक्री के लिहाज से मंदी के सबसे खराब दौर से गुजर रहा था। पर्सनल मोबिलिटी पर एचएसबीसी की हालिया रिपोर्टऔर देश की सबसे बड़ी कार निर्माता कंपनी मारुति के चेयरमैन के विचारों से तो ऐसा ही लगता है।
कोरोना वायरस महामारी के बाद लॉकडाउन खुलने से सबसे शुरुआती प्रभाव सार्वजनिक परिवहन क्षेत्र पर महसूस होने की संभावना है। क्योंकि यात्रा करने वाले लोग संक्रमण के डर से इससे दूर जा सकते हैं। सुविधा को ध्यान में रखते हुए दोपहिया वाहनों के एक व्यक्तिगत विकल्प होने की संभावना है।
पर्सनल मोबिलिटी में बदलाव पर पर केंद्रित भारतीय ऑटो सेक्टर पर एचएसबीसी की हालिया रिपोर्ट ने परिवहन में कुछ आने वाले रुझानों को रेखांकित करते हुए इस तथ्य को उजागर किया है।
हालांकि लॉकडाउन के बाद बाइकों की बिक्री बढ़ने की संभावना है। ऐसे में डीलर भी चाहते हैं कि लॉकडाउन आगे बढ़े और उनके पास बीएस4 का जो स्टॉक पड़ा है, वह लॉकडाउन के बाद 10 दिनों में आसानी से निकल जाएगा।
मारुति को उम्मीद- आएगा कार बूम
देश की सड़कों पर हर दूसरी कार बेचने वाली मारुति सुजुकी इंडिया लिमिटेड के अध्यक्ष आर.सी. भार्गव ने कहा कि लॉकडाउन हटने के बाद कार की बिक्री में उछाल आने की संभावना है, क्योंकि सामाजिक दूरी बरतना एक आम बात हो गई है।
मारुति के चेयरमैन आरसी भार्गव ने सोमवार को कहा, "अगर खरीदार किसी अन्य यात्री के साथ जगह को साझा करने में संशय करेंगे तो इससे वाहनों की मांग बढ़ेगी। यह अब पहले जैसा भारत नहीं रहेगा। खरीदारी के प्रति लोगों का नजरिया बदल जाएगा।"
चीन के आंकड़े करते हैं तस्दीक
Suzuki Motor Corp (सुजुकी मोटर कॉर्प) की स्थानीय यूनिट की ओर से यह टिप्पणियां ऐसे समय पर आई है, जब दुनिया के चौथे सबसे बड़े ऑटोमोबाइल बाजार भारत में कार की बिक्री पिछले महीने 52 फीसदी तक घट गई थी। यही नहीं देश की सबसे बड़ी एसयूवी निर्माता कंपनी महिंद्रा एंड महिंद्रा लिमिटेड और टाटा मोटर्स लिमिटेड, जो ब्रिटिश लक्जरी ब्रांड जगुआर लैंड रोवर की भी मालिक है, ने वायरस को फैलने से रोकने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की देशव्यापी लॉकडाउन की घोषणा के बाद उत्पादन बंद कर दिया था।
भार्गव की टिप्पणियों को चीन से आई जानकारी के आधार पर कुछ हद तक समर्थन मिलता है, जहां डीलरशिप की रोज की बिक्री बढ़ गई है जो आर्थिक मंदी से पहले कम देखी जा रही थी। महामारी से पहले की तुलना में ग्राहक अब कार खरीदने के लिए ज्याद प्रेरित दिखाई देते हैं क्योंकि वे निजी वाहनों को सार्वजनिक परिवहन की तुलना में अधिक सुरक्षित मानते हैं।
FADA की चिंता
Federation of Automobile Dealers Association (FADA), फेडरेशन ऑफ ऑटोमोबाइल डीलर्स एसोसिएशन (फाडा) ने प्रधानमंत्री को लिखे पत्र में कहा है कि डीलरशिप में चार लाख कर्मचारियों की नौकरी पर मंडरा रहे संकट के मद्देनजर कार निर्माता उत्पादन को रोककर और निवेश में कटौती कर इससे निपटने की कोशिश कर रहे हैं।
Society of Indian Automobile Manufacturers (SIAM), सोसाइटी ऑफ इंडियन ऑटोमोबाइल मैन्युफैक्चरर्स (सियाम) के अनुसार, प्लांट में उत्पादन को बंद रखने से ऑटो उद्योग को रोजाना 2300 करोड़ रुपये का नुकसान झेलना पड़ रहा है।
जब फिर से प्लांट उत्पादन चालू करने के लिए खोले जाएंगे तब मारुति सुजुकी जिन चुनौतियों को देख रहा है वो यह है कि एक समय में काम करने की अनुमति वाले कर्मचारियों की संख्या "निश्चित रूप से कम" होगी और कार निर्माता को उसके अनुसार उत्पादन क्षमता को समायोजित करना होगा। भार्गव ने कहा, "कर्मचारियों को सुरक्षित रखना बहुत कठिन, बहुत मुश्किल काम होगा।"
FADA ने किया लॉकडाउन का समर्थन
वहीं कोरोना वायरस महामारी को फैलने से रोकने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लॉकडाउन की अवधि को बढ़ा दिया है। यह 25 मार्च से शुरू हुआ था और 14 अप्रैल इसकी आखिरी तारीख थी, जो कि अब 3 मई 2020 तक के बढ़ा दिया गया है।
लॉकडाउन को बढ़ाने जाने के साथ, देशभर में डीलरशिप और शोरूम भी 3 मई तक बंद रहेंगे। बचे हुए BS4 वाहनों की बिक्री केवल 4 से 13 मई के बीच हो सकती है। FADA के अनुसार, भारत में दोपहिया वाहन सहित 7 लाख से अधिक BS4 वाहन हैं जो नहीं बिक पाए हैं।
सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में कोरोनो वायरस लॉकडाउन खत्म होने के बाद 10 दिनों के लिए BS4 वाहनों की बिक्री और पंजीकरण की अनुमति दी थी, जो 15 अप्रैल को समाप्त होने वाली थी। वाहन डीलरों को BS4स्टॉक के सिर्फ 10 फीसदी स्टॉक को बेचने और पंजीकरण की शर्त के साथ यह अनुमति दी गई थी।
लॉकडाउन बढ़ने का का मतलब है कि डीलरों को बचे हुए BS4 स्टॉक को बेचने के लिए अभी और इंतजार करना होगा। इंतजार करने के अलावा उनके पास कोई चारा भी नहीं है। FADA के अध्यक्ष आशीष हर्षराज काले ने कहा, "हमारे लिए नागरिकों की स्वास्थ्य और सुरक्षा सबसे ऊपर है और एक जिम्मेदार और कानून का पालन करने वाला एसोसिएशन होने के नाते, FADA लॉकडाउन का कड़ाई से पालन करेगी। हमारे देश में ऑटो डीलर्स कारोबार के फिर से शुरू होने के लिए 3 मई को लॉकडाउन खत्म होने का इंतजार कर रहे हैं।"