क्या आपके पास 10 साल पुरानी डीजल या 15 साल पुरानी पेट्रोल गाड़ी है? अगर आप उस गाड़ी के रजिस्ट्रेशन नंबर को अपने पास रखना चाहते हैं। तो अब ऐसा करना आपकी जेब पर भारी पड़ने वाला है। आपको न केवल पुराने वाहन को स्क्रैप करने की आवश्यकता होगी, बल्कि उसके लिए एक मोटी राशि का भुगतान भी करना होगा।
इस समय वाहन मालिकों को नए वाहन में इस्तेमाल के लिए अपने पुराने वाहनों के पंजीकरण संख्या को बनाए रखने के लिए 200 रुपये का शुल्क देना होता है। हालांकि, परिवहन विभाग इस शुल्क को चार पहिया वाहनों के लिए 25,000 रुपये और दो पहिया वाहनों के लिए 5,000 रुपये तक बढ़ाने जा रहा है। यदि आपके पास कोई फैंसी नंबर है, तो फीस बढ़ जाएगी और ऐसे नंबरों के लिए न्यूनतम आरक्षित नीलामी मूल्य का 10 फीसदी देना होगा।
परिवहन विभाग द्वारा तैयार प्रस्ताव के अनुसार, यदि आपकी कार का रजिस्ट्रेशन नंबर 0001 है जिसकी सबसे अधिक मांग है, तो आपको इसे बनाए रखने के लिए 50,000 रुपये का भुगतान करना होगा क्योंकि इस नंबर की नीलामी के लिए न्यूनतम आरक्षित मूल्य अब 5 लाख रुपये है। 0002 से 0009 की सीरीज वाले रजिस्ट्रेशन नंबर के लिए, फीस 30,000 रुपये होगी क्योंकि इनके लिए न्यूनतम आरक्षित मूल्य 3 लाख रुपये है। हालांकि, अन्य फैंसी नंबरों के लिए, फीस किसी भी अन्य नंबर की तरह में 25,000 रुपये होगी।
परिवहन विभाग के एक अधिकारी ने कहा, "वे वाहन जो अपने जीवन के आखिरी चरण में हैं, उनके मालिक उसे निरीक्षण के लिए संबंधित क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय (आरटीओ) में लाते हैं। निरीक्षण के बाद, वाहन को स्क्रैपिंग के लिए दिया जा सकता है या घर पर रखा जा सकता है क्योंकि इन्हें अदालत के आदेश के अनुसार सड़क पर चलाने की अनुमति नहीं है।"
उन्होंने कहा, "हालांकि, यह बहुत जल्द बदलने वाला है क्योंकि सरकार पुराने वाहनों की स्क्रैपिंग के लिए दिशानिर्देश लाई है, जिन्हें जल्द ही लागू किया जाएगा। एक बार जब सरकार अधिकृत और लाइसेंसधारी स्क्रैपर को पैनल में शामिल कर लेती है, तो ऐसे वाहनों को सिर्फ इस तरह की सुविधाओं में स्क्रैप करवाना ही पड़ेगा।"
अधिकारी ने कहा कि यह प्रस्ताव फिलहाल विचाराधीन है और इसके जल्द ही लागू होने की संभावना है।