ऐसे समय में जब भारत में हर रोज 70,000 से अधिक मामले दर्ज हो रहे हैं, आर्थिक गतिविधियों को खोलने के सरकार के फैसले के बारे में एक सवाल के जवाब में स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा कि केंद्र सरकार ने गतिविधियों को खोलने के लिए एक वर्गीकृत दृष्टिकोण अपनाया है।
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने गुरूवार को स्पष्ट किया है कि उसने ऐसा कोई निर्देश जारी नहीं किया है जिसके तहत अकेले कार चला रहे लोगों को फेस मास्क पहनना जरूरी हो। भारत में कोविड-19 की स्थिति पर एक प्रेस ब्रीफिंग को संबोधित करते हुए, केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण ने कहा कि साइकिल चलाते वक्त और समूहों में जॉगिंग करते समय मास्क पहनना महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य मंत्रालय ने कोई दिशा-निर्देश जारी नहीं किया है कि यदि कोई अकेला साइकिल चला रहा है तो मास्क का इस्तेमाल करना अनिवार्य है।
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भारत में कोरोना वायरस की स्थिति के बारे में बोलते हुए, उन्होंने कहा कि भारत में सक्रिय कोविड-19 के 62 फीसदी मामले वर्तमान में पांच राज्यों तक ही सीमित हैं और ये हैं: तमिलनाडु, उत्तर प्रदेश, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश और महाराष्ट्र। इनमें, सक्रिय मामलों में महाराष्ट्र की हिस्सेदारी सबसे अधिक 25 फीसदी है। इसके साथ ही इस राज्य का भारत में कुल कोविड-19 से हुई मौतों का 37 फीसदी हिस्सा है।
ऐसे समय में जब भारत में हर रोज 70,000 से अधिक मामले दर्ज हो रहे हैं, आर्थिक गतिविधियों को खोलने के सरकार के फैसले के बारे में एक सवाल के जवाब में स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा कि केंद्र सरकार ने गतिविधियों को खोलने के लिए एक वर्गीकृत दृष्टिकोण अपनाया है।
स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा, "हमने पूर्व-अपेक्षित बुनियादी ढांचे और सेवाओं को सुनिश्चित किया है। सरकार ने कोवड-19 रोगियों के लिए मानक क्लिनिकल प्रोटोकॉल पर स्पष्ट दिशानिर्देश जारी किए हैं। पर्याप्त संख्या में आईसीयू और आइसोलेशन बेड और परीक्षण को बढ़ावा दिया गया है। इन पूर्व-आवश्यकताओं को सुनिश्चित करने के बाद ही सरकार ने अर्थव्यवस्था को खोलने के लिए एक क्रमिक शुरुआत की है।" इसके साथ ही उन्होंने कहा कि सरकार का मानना है कि जहां जीवन महत्वपूर्ण है, वहीं आजीविका भी महत्वपूर्ण है।
इसके अलावा, स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा कि भारत ने अब तक 4.50 करोड़ परीक्षण किए हैं। स्वास्थ्य सचिव ने कहा, "देश में दैनिक कोविड-19 परीक्षण में तेजी देखी जा रही है। पिछले 24 घंटों में 11.7 लाख (11,72,179) परीक्षण किए गए।"