भारतीय बीमा विनियामक और विकास प्राधिकरण (IRDAI) ने मोटर इंश्योरेंस में कुछ बदलाव के सुझाव दिये हैं। IRDAI का कहना है कि पुरानी कारों के दुर्घटनाग्रस्त होने पर मिलने वाला मुआवजे की गणना नए तरीके से की जाए। अपने ड्राफ्ट सुझाव में IRDAI ने कहा है कि तीन साल तक पुरानी कार के दुर्घटनाग्रस्त होने पर ऑन-रोड व्हीकल कीमत, मैन्यूफैक्चर एसेसरीज और रोड टैक्स रजिस्ट्रेशन के आधार पर हो।
| वाहन की उम्र | Depreciation (%) |
| तीन साल से ऊपर और चार साल तक | 40 फीसदी |
| चार साल से ऊपर और पांच साल तक | 50 फीसदी |
| पांच साल से ऊपर और छह साल तक | 55 फीसदी |
| छह साल से ऊपर सात साल तक. | 60 फीसदी |
अभी तक मोटर ओन डैमेज कवर की गणना का फॉर्मूला बेहद मुश्किल था। जिसमें वाहन की कीमत की मुताबिक depreciation वैल्यू आंकी जाती थी। वहीं वाहन के पुराने होते जाने या हादसे में कार या बाइक के बिल्कुल खत्म होने पर वाहन मालिक को कम मुआवजा मिलता था।
| वाहन की उम्र | बीमा राशि (%) |
| छह माह तक | 95 फीसदी |
| छह माह से ऊपर एक साल तक | 90 फीसदी |
| एक साल से ऊपर दो साल तक | 80 फीसदी |
| दो साल से ऊपर तीन साल तक | 70 फीसदी |
| तीन साल से ऊपर चार साल तक | 60 फीसदी |
| चार साल से ऊपर पांच साल तक | 50 फीसदी |
| पांच साल से ऊपर छह साल तक | 45 फीसदी |
| छह साल से ऊपर सात साल तक | 40 फीसदी |
| सात साल से ऊपर | कंपरनी और ग्राहक के समझौते के आधार पर |
वहीं IRDAI ने एक और विकल्प दिया है कि छह महीने से पुरानी कार या बाइक पर मिलने वाली बीमा राशि वर्तमाल मूल्य का 95 फीसदी और 15 साल पुरानी कार या बाइक पर यह 30 फीसदी होगी। IRDAI ने 166 पेज के इस ड्राफ्ट पर 16 दिसंबर तक आमलोगों से सुझाव मांगे हैं।
| वाहन की उम्र | बीमा राशि (%) |
| छह माह तक पुराना वाहन | 95 फीसदी |
| छह से एक साल तक | 90 फीसदी |
| एक साल से दो साल तक | 80 फीसदी |
| दो साल से तीन साल तक | 70 फीसदी |
| तीन साल से चार साल तक | 65 फीसदी |
| चार से पांच साल तक | 60 फीसदी |
| पांच से छह साल तक | 55 फीसदी |
| छह से सात साल तक | 50 फीसदी |
| सात से 10 साल तक | 45 फीसदी |
| 10 से 15 साल तक | 40 फीसदी |
| 15 साल पुरानी | 30 फीसदी |