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1 रुपया बचाने के चक्कर में चूक जाते हैं भारतीय 10 लाख के फायदे से, अब रखें ध्यान

Mon, 10 Sep 2018 01:47 PM IST
ऑटो डेस्क, अमर उजाला
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IRCTC - फोटो : demo
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भारतीय देखा जाए तो किसी मामले में पीछे नहीं हैं। चाहे टेक्नोलॉजी में परचम लहराना हो या चांद तक जाना हो। सभी चीजों में व्यस्त रहते हुए भी विदेशी अपने और अपने पूरे परिवार का ध्यान अच्छे से रखते हैं। लेकिन हम कहीं ना कहीं चूक जाते हैं। और इसलिए अक्सर सड़कों पर बिना अपने परिवार के बारे में सोचे धड़ल्ले  से चलते हैं। खैर,आपको अपनी परवाह हो या ना हो आइआरसीटीसी को है। 

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तभी जब भी आप रेलवे का टिकट कराते हैं तो साथ ही एक आॅप्शन आता है जिसमें आपसे आपके ही लिए मात्र 92 पैसे मांगें जाते हैं। जिसे आप अनदेखा कर आगे बढ़ जाते हैं। आपको बता दें,यह आप ही की जान की हानी के लिए आपसे 92 पैसे मांगें जाते हैं ताकि अगर आपको कोई परेशानी हो तो आपका परिवार आपके अभाव में अपना गुजारा कर सके। 

गौरतलब हो रेलवे की तरफ से इस 92 पैसे के बदले प्रत्येक व्यक्ति को 10 लाख का लाइफ कवर मिलता है। जो कोई दुर्घटना होने पर आपके परिवार को जीवन दान देने का काम करेगा। 

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सेटमेंट राशी 30 मिनट के भीतर आ जाएगी।
हाल ही सुप्रीम कोर्ट ने 20 जुलाई को आदेश दिया था कि नई कार के लिए थर्ड-पार्टी इंश्योरेंस कवर 3 साल और टू-वीलर्स के लिए 5 साल के लिए होगा। यह आदेश 1 सितंबर से सभी पॉलिसीज पर लागू होगा। कोर्ट ने सभी इंश्योरेंस कंपनियों को लॉन्ग टर्म थर्ड-पार्टी इंश्योरेंस कवर ऑफर करने का आदेश दिया था क्योंकि गाड़ियों के लिए इंश्योरेंस अनिवार्य बनाने के बावजूद बहुत कम लोग इसे रीन्यू करा रहे थे। वाहनों के पुराने होने और उसकी वैल्यू तेजी से कम होने के चलते कई लोग या तो इसे सालाना आधार पर रीन्यू नहीं कराते थे या फिर ऐसी पॉलिसी खरीदते थे, जो सभी तरह के रिस्क को कवर नहीं करती थी। 

इंश्योरेंस क्लेम पर किसी तरह की कानूनी समयसीमा नहीं है। थर्ड पार्टी क्लेम से जुड़े केस को दुर्घटना होने वाली जगह, वाहन मालिक की रहनेवाली जगह या क्लेम करनेवाले के रहने की जगह, इनमें से किसी भी एरिया में फाइल किया जा सकता है। फॉल्ट लायबिलिटी क्लेम से जुड़े केस में बीमा की राशि असीमित है। 

इसके अलावा, इंश्योरेंस रेग्युलेटर ने भी इंश्योरेंस कंपनियों को अपने खुद के अंडरराइटिंग प्रिंसिपल्स अप्लाई करने और 1 सितंबर से लॉन्ग-टर्म प्रॉडक्ट्स का डिस्ट्रीब्यूशन शुरू करने को कहा है। कंपनियां या तो 'ओन-डैमेज' और 'थर्ड-पार्टी' को कवर करनेवाला पैकेज या फिर लॉन्ग टर्म थर्ड पार्टी और एक साल के लिए ओन डैमेज को कवर करनेवाला पैकेज ऑफर कर सकती हैं। 
 
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