ऐसे भारतीय जिनके अंतरराष्ट्रीय ड्राइविंग परमिट (IDP) की वैधता विदेश में रहते हुए खत्म हो गई थी, अब वे उन्हें विदेशों से ही रिन्यू (नवीनीकृत) करा सकते हैं। नई व्यवस्था 15 फरवरी से लागू होगी।
सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने उन भारतीय नागरिकों के लिए आईडीपी जारी करने की सुविधा प्रदान करने के लिए सात जनवरी 2021 को एक अधिसूचना जारी की है, जिनका ड्राइविंग परमिट विदेश में रहते हुए समाप्त हो गया है।
मंत्रालय ने रविवार को बताया कि जब देश के नागरिक विदेश में हों और उनकी आईडीपी समाप्त हो जाए, तो इसके नवीकरण के लिए कोई तंत्र नहीं था।
अब, इस संशोधन के साथ, यह प्रस्तावित किया गया है कि भारतीय नागरिक विदेशों में भारतीय दूतावासों / मिशनों के माध्यम से नवीकरण के लिए आवेदन कर सकते हैं, जहाँ से ये आवेदन भारत में VAHAN पोर्टल पर जाएँगे, जिन्हें संबंधित क्षेत्रीय परिवहन कार्यालयों (आरटीओ) द्वारा विचार किया जाएगा। आईडीपी संबंधित आरटीओ द्वारा विदेश में रह रहे नागरिक को उनके पते पर भेजा जाएगा।
मंत्रालय ने कहा कि यह भारत में आईडीपी के लिए अनुरोध करने के समय मेडिकल सर्टिफिकेट और वैध वीजा की शर्तों को भी हटा दिया गया है।
नई व्यवस्था को शुरू करने के पीछे सोच यह है कि जिस नागरिक के पास वैध ड्राइविंग लाइसेंस है, उसे दूसरे मेडिकल सर्टिफिकेट की आवश्यकता नहीं होनी चाहिए।
नोटिफिकेशन के मुताबिक, "ऐसे देश हैं जहां वीजा आगमन पर जारी किया जाता है या अंतिम समय पर वीजा जारी किया जाता है। ऐसे मामलों में, यात्रा से पहले भारत में आईडीपी के लिए आवेदन करते समय वीजा उपलब्ध नहीं होता है। इसलिए अब बिना वीजा के भी आईडीपी आवेदन किया जा सकता है।"
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक रविवार सुबह महाराष्ट्र के लिए सामान्य वैधानिक नियम (जीएसआर) प्राप्त करने वाले राज्य परिवहन आयुक्त अविनाश धाकने ने कहा, "यह एक अच्छा कदम है और महामारी के दौरान विदेशों में भारतीयों को फायदा पहुंचाएगा। विदेशों में रहने वाले भारतीय छात्रों को आईडीपी के नवीनीकरण में समस्या आ रही है, और इससे उन्हें मदद मिलेगी।"
आईडीपी नवीनीकरण की फीस 2,000 रुपये होगी, जिसे आवेदकों को ऑनलाइन देना होगा। उन्हें आवेदन के साथ प्रमाण भी देना होगा - जिसमें वैध ड्राइविंग लाइसेंस का प्रमाण, पासपोर्ट तस्वीरों की तीन प्रतियां, राष्ट्रीयता का प्रमाण और वैध पासपोर्ट का प्रमाण शामिल है।