नए साल में यूरोप से भारत में गाड़ियों का आयात सस्ता हो सकता है। केंद्र सरकार जल्द ही यूरोप में बनने वाली कारों सहित वाइन और शराब पर आयात शुल्क को घटा सकती है। यूरोपियन यूनियन के द्वारा लंबे समय से विलंबित पड़े मुक्त व्यापार समझौते को सरकार की हरी झंडी मिल सकती है।
कई सालों से चल रहा था विवाद
इन दोनों उत्पादों पर यूरोपियन यूनियन और भारत सरकार के बीच कई सालों से गतिरोध चल रहा था। भारत सरकार लंबे वक्त तक आयात शुल्क कम करने पर राजी नहीं थी। हालांकि अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और जर्मनी की चांसलर एंजेला मार्केल के बीच बातचीत होने के बाद इस मामले पर गतिरोध दूर होने के आसार बनने लगे हैं।
अभी लगती है 200 फीसदी ड्यूटी
अभी जर्मनी और अन्य यूरोपियन देशों से आयात होने वाली गाड़ियों पर 200 फीसदी शुल्क लगता है। इस हिसाब एक ऑडी कार जिसकी कीमत 15 लाख रुपये होती है, वो भारत में 30 लाख रुपये की हो जाती है। इसके अलावा 28 फीसदी जीएसटी, सेस और रोड टैक्स मिलाकर के इसकी कीमत 40-45 लाख रुपये हो जाती है। यह सारी कीमत कंपनियां ग्राहकों से वसूलती हैं। यूरोप से बीएमडब्ल्यू, फॉक्सवैगन, लेक्सस और पियाजियो जैसी गाड़ियों का आयात होता है।
अमेरिका में इतनी है ऑडी क्यू8 की कीमत
अमेरिका में फिलहाल ऑडी क्यू8 के बेस मॉडल की कीमत 68200 डॉलर(48 लाख 68 हजार 780 रुपये) है। वहीं भारत में इसकी संभावित कीमत 1.40 करोड़ रुपये होगी। यह कार 15 जनवरी को लॉन्च होगी। अगर ड्यूटी घटती है, तो इस कार की कीमत काफी कम हो जाएगी।
शराब भी होगी सस्ती
इसके साथ ही सरकार यूरोप से आयतित होने वाली व्हिस्की, स्कॉच और वाइन भी सस्ती हो जाएगी। सरकार का मानना है कि ड्यूटी घटाने से कार और वाइन की मांग बढ़ेगी, जिससे ब्रिकी ज्यादा होगी। इससे सरकार की आय में किसी तरह का कोई असर नहीं पड़ेगा।