आईआईटी-दिल्ली के स्टूडेंट्स और एलुमनी ने मिल कर पूरे देश के लिए 24x7 सर्विस एप ‘iSAFE Assist’ बनाई है। ये देश की पहली इंटीग्रेटेड सर्विसेज रोड साइड असिस्टेंस और इमरजेंसी केयर एप है। इस प्रोजेक्ट को मई में सड़क, परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के अधिकारियों ने लॉन्च किया था।
इस टीम के एक एलुमनी का कार चलाते हुए एक्सीडेंट हो गया था, जिसके बाद उसने रोड सेफ्टी को लेकर अवेयरनेस कैंपेन शुरू किया और जो बाद में एक एप में तब्दील हो गया। ‘iSAFE Assist’ में इमरजेंसी सर्विसेज बेहद कम दामों में मिलती हैं, जिसमें खासतौर पर महिलाओं के लिए रोडसाइड असिस्टेंस जैसे सर्विसेज मिलती हैं। राजमार्ग मंत्रालय के साथ मिलकर इस एप को तैयार किया है। यह संगठन के तहत देशभर 1500 से ज्यादा कालेज मिल कर सड़क यातायात के दौरान होने वाले हादसों को रोकने के उपायों पर जागरूकता अभियान चला रहे हैं।
‘iSAFE Assist’ टीम का कहना है कि इस दौरान हमनें पाया है कि इमरजेंसी सर्विसेज न मिलने से लोगों को बहुत तकलीफ होती है, यहां तक कि देरी से मेडिकल मिलने से लोगों की मौत भी हो जाती है। जिसके बाद हमनें एक ऐसा प्लेटफॉर्म बनाने की योजना बनाई।
‘iSAFE Assist’ का नेटवर्क 28 राज्यों 1,795 शहरों और 6,200 सर्विस प्रोवाइर्स तक फैला है। इसमें गाड़ी क्रेन सर्विस, फ्यूल डिलीवरी और टायर पंचर असिस्टेंस शामिल है। एप में इमरजेंसी कैब के साथ फ्री में नजदीकी अस्पताल से एंबुलेंस की सुविधा भी मिलेगी। वहीं इस एप में खासतौर पर रात में महिलाओं की सेफ्टी का खास ध्यान रखा गया है।
सुविधाएं
- टायर पंचर सर्विस (हेल्पलाइन- 1800 419 7779)
- वूमन असिस्ट रात 8.00 बजे से सुबह 5.00 बजे तक
- 25 किमी तक के लिए क्रेन सर्विस (रात 8.00 बजे से सुबह 5.00 बजे तक)
- 25 किमी तक इमरजेंसी फ्यूल डिलीवरी (रात 8.00 बजे से सुबह 5.00 बजे तक)
- कैब असिस्टेंस