फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

अगर इन गाड़ियों पर सीख रहे हैं कार चलाना, तो नहीं मिलेगा ड्राइविंग लाइसेंस!

Fri, 07 Jun 2019 08:08 PM IST
Harendra Chaudhary ऑटो डेस्क, अमर उजाला
विज्ञापन
IDTR Driving School - फोटो : सांकेतिक
विज्ञापन

अगर आप ऑटोमेटिक गियर वाली कार पर ड्राइविंग सीख रहे हैं, तो यह खबर जरूर पढ़ लें। हो सकता है कि ऑटोमैटिक कार पर ड्राइविंग सीखने के बाद आप आरटीओ दफ्तर में ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने जाएं, तो आपको लाइसेंस देने से इंकार कर दिया जाए।

विज्ञापन

 

ड्राइविंग लाइसेंस देने से इंकार

आमतौर पर प्रक्रिया यह है कि जरूरी ड्राइविंग टेस्ट के बाद आरटीओ आपको लाइसेंस जारी कर देता है। लेकिन न्यूज रिपोर्ट्स के मुताबिक पुणे के आरटीओ ने ऑटोमेटिक कारों पर सीख कर ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने आए लोगों को लाइसेंस देने से इंकार कर दिया।
 

बढ़ा ऑटोमेटिक कारों का क्रेज

पिछले कुछ सालों से लोगों में मैनुअल कारों की बजाय ऑटोमेटिक कारों का क्रेज बढ़ा है। खासतौर पर महिलाएं मैनुअल की जगह ऑटोमेटिक कारों की तरजीह देती हैं। इसकी वजह है कि ऑटोमेटिक कारों में गियर का झंझट नहीं होता, और ट्रैफिक या भीड़भाड़ वाली सड़कों पर ड्राइविंग करना आसान होता है। इसी पॉपुलैरिटी के चलते मैनुअल और ऑटोमेटिक कारों के दामों में अंतर कम हुआ है और एंट्री लेवल तक की कारों में ऑटोमेटिक गियरबॉक्स मिलता है।
 

मैनुअल गियरबॉक्स वाली कारें चलाने में फेल

रिपोर्ट के मुताबिक आरटीओ के ड्राइविंग लाइसेंस से इंकार के पीछे मुख्य वजह है कि पुणे के इंस्टीट्यूट ऑफ ड्राइविंग ट्रेनिंग एंड रिसर्च में ड्राइविंग टेस्ट देने आए ऑटोमेटिक कार चलाने वाले ज्यादातर एप्लीकेंट्स मैनुअल गियरबॉक्स वाली कारें चलाने में फेल हो गए। पुणे आरटीओ में रोजाना 220 से ज्यादा टेस्ट होते हैं, लगभग 10 से 20 लोग फेल हो जाते हैं।
 

नहीं हैं डुअल कंट्रोल ऑटोमेटिक टेस्ट कार

महाराष्ट्र राज्य परिवहन आयुक्त का कहना है कि राज्य के टेस्टिंग ट्रैक्स में 4-व्हीलर के लिए परमानेंट लाइसेंस टेस्ट का विकल्प नहीं है। जहां एप्लीकेंट्स को डुअल कंट्रोल ऑटोमेटिक टेस्ट कार का विकल्प दिया जा सके। उन्होंने कहा कि वे इस मुद्दे पर केन्द्र सरकार को संशोधन करने के लिए लिखेंगे और इस मामले का हल निकालने की कोशिश करेंगे।
 

परेशान हैं ड्राइविंग स्कूल

वहीं आरटीओ के इस रवैये से ड्राइविंग स्कूल वाले भी परेशान हैं। उनका कहना है कि उसके पास सीखने के लिए आने वाले ज्यादातर लोगों के पास ऑटोमेटिक कारें हैं। लेकिन जब वे सीख कर ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने जाते हैं, तो उनसे मैनुअल कार चलाने के लिए बोला जाता है, जिसमें वे फेल हो जाते हैं।
 
विज्ञापन

मैनुअल ट्रांसमिशन डुअल कंट्रोल कारों पर हो रहे टेस्ट

उनका कहना है कि सेंट्रल मोटर व्हीकल एक्ट के मुताबिक अभी भी ड्राइविंग टेस्ट मैनुअल ट्रांसमिशन वाली डुअल कंट्रोल कारों पर किए जा रहे हैं। लेकिन ऑटोमेटिक कारों की बढ़ती संख्या को देखते हुए, टेस्टिंग ट्रैक पर ऑटोमैटिक ट्रांसमिशन डुअल कंट्रोल कारें उपलब्ध कराई जानी चाहिए।     
 
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें