इससे पहले Maruti Suzuki (मारुति सुजुकी) ने भी घोषणा की है कि वह संकट के इस समय में ऑक्सीजन के उत्पादन को बढ़ाने में मदद करने के लिए हरियाणा में अपने प्लांट को बंद कर देगी।
यह भी पढ़ें : मारुति सुजुकी बंद करेगी अपने प्लांट: मेडिकल ऑक्सीजन बनाने के लिए किया बड़ा फैसला
ह्यूंदै ने यह भी कहा है कि वह अपने संसाधनों का इस्तेमाल कर अस्पतालों में ऑक्सीजन पैदा करने वाले प्लांट बनाने में मदद करेगी। इसका उद्देश्य गंभीर रोगियों और अस्पतालों को ऑक्सीजन की जरूरतों के लिए आत्मनिर्भर बनने में मदद करना है। इसके अलावा, फाउंडेशन मेडिकेयर सुविधाओं की स्थापना में भी सहायता करेगा और विभिन्न अस्पतालों में सहायक कर्मचारी उपलब्ध कराएगा और अगले तीन महीनों के लिए उनका खर्च उठाएगा और जरूरत पड़ने पर आगे भी मदद जारी रखेगा।
ह्यूंदै मोटर इंडिया फाउंडेशन के प्रबंध निदेशक और सीईओ एसएस किम ने कहा, "कोविड-19 महामारी की दूसरी लहर ने देश के लिए एक अभूतपूर्व संकट पैदा कर दिया है... सबसे प्रभावित शहरों और राज्यों की सार्थक मदद के लिए, ह्यूंदै अपने संसाधनों को जरूरत के हिसाब से तैनात कर रहा है और ऐसी कोशिश कर रहा जो इस कठिन परिस्थिति के समय राहत पहुंचाएंगे। हम युद्धस्तर पर संसाधनों को तैनात कर रहे हैं और इस संकट को खत्म करने में मदद करने की आशा करते हैं।"
उन्होंने कहा, "निराशा के दौर में, हम अक्सर अफरा-तफरी के बीच उम्मीद खो देते हैं, लेकिन ऐसे समय में कई बार ऐसा होता है कि यह हम सभी के भीतर मौजूद मानवता के सबसे अच्छा पहलू को बाहर लाता है।"
ह्यूंदै ने कहा कि राहत कार्यों को विशेष रूप से मौजूदा संकट की जरूरतों को ध्यान में रखकर और उसे दूर करने के लिए तैयार किया गया है। और इसका उद्देश्य भारत में कोविड-19 महामारी की दूसरी लहर से निपटने में लोगों और बुनियादी ढांचे की मदद करना है।
कंपनी के बयान में कहा गया है, "सबसे ज्यादा प्रभावित शहरों और राज्यों में समय पर सहायता पहुंचाई जा सके इसके लिए कंपनी युद्धस्तर पर इन संसाधनों की तैनाती में तेजी लाने के लिए सभी विकल्पों का मूल्यांकन कर रही है।"