घर खरीदना और गाड़ी खरीदना अगर आज के समय के हिसाब से बात करें तो यह लोगों के सबसे बड़े ख्वाब को पूरा करने जैसा होता है। एक मध्यम आय वर्ग से जुड़ा व्यक्ति बड़ी मुश्किल से इन सपनों को पूरा कर पाता है। ऐसे में अगर आपने एक कार खरीद ली है लेकिन उसकी केयर करना नहीं जानते तो कितना नुकसान आप अपना कर लेते हैं। अगर नई कार खरीदने जा रहे हैं या खरीद चुके हैं तो ये टिप्स आपके काम के हैं जरा गौर से पढ़िए।
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ड्राइविंग के दौरान क्या रखें ध्यान
कार केयर टिप्स
बर-बार रेस देने से और तुरंत गति कम करने की वजह से कार के इंजिन व ब्रेक पर दबाव पड़ता है। इसलिए इत्मीनान से कार चलाकर अपने कार के रखरखाव के खर्चे को कम करें। यह उस समय बेहद जरूरी है जब आप अपने इंजिन को स्टार्ट करते हैं। गाड़ी को तेजी के साथ रेस देने से अच्छा है गाड़ी को सामान्य स्थिति में गर्म होने दें। अगर आप एक रेसर नहीं हैं और एंट्री लेवल कार आपके पास है तो ऐसा कभी न करें। एंट्री लेवल कारें मस्ती के लिए नहीं बल्कि आपके जरूरत को पूरा करने के लिए बनाई जाती हैं।
लंबी अवधि के लिए तेज धूप में न खड़ी करें कार
कार केयर टिप्स
कार की सुरक्षा की जिम्मेदारी मेकैनिक की नहीं बल्कि आपकी है। अगर कार का इंटीरियर खराब होता है तो यह भी आपके लिए महंगा सौदा साबित हो सकता है। इसे ध्यान में रखते हुए कोशिश करें कि जितना हो सके गाड़ी को कहीं छाया में खड़ी करें। तेज धूप के वजह से इंटीरियर के प्लास्टिक का रंग फीका पड़ने लगता है। अगर आप एक गाड़ी खरीदने के लाखों का इन्वेस्टमेंट कर सकते हैं तो उसे छाया में खड़ी करने के लिए कुछ हजार और भी खर्च कर सकते हैं क्योंकि गाड़ी आपका दूसरा घर है। अगर छायनि मिले तो कम से कम एक कवर खरीद लें और उससे गाड़ी को ढककर रखें।
इंजिन ऑयल की करें जांच
कार केयर टिप्स
जिस तरह हमारे शरीर में रक्त अहम भूमिका निभाता है वैसे ही इंजिन की जिंदगी तेल पर टिकी होती है इसलिए गाड़ी के तेल का स्तर व गुणवत्ता कायम रखने के लिए समय-समय पर उसकी जांच करते रहना चाहिए। जरूरी नहीं है कि तेल की जांच सिर्फ सर्विस के दौरान ही हो। जब भी आप इंजिन ऑयल का स्तर देखें, उस समय सुनिश्चित कर लें कि गाड़ी का इंजिन बंद है। अगर आपको यह नहीं मालूम कि तेल के स्तर की जांच कैसे करनी है तो उसकी निर्देश पुस्तिका को पढ़ें।
तेल की जांच के लिए डिप स्टिक को बाहर निकालकर उसे अच्छी तरह से पोछ लें और फिर उसे इंजिन ऑयल टैंक में डालें और फिर बाहर निकालें इससे आपको तेल की मात्रा का सही अंदाजा हो जाएगा। अगर तेल, नीचे की लाइन तक पहुंच रहा है तो ठीक है नहीं तो उसमें और इंजिन ऑयल डालकर इसकी पूर्ति करें। इसके बाद तेल की गुणवत्ता की जांच करें। अगर डिप स्टिक पर लगा हुआ तेल साफ दिख रहा है तो समझ लें कि तेल ठीक है। अगर वो काला हो गया तो उसे बदलाएं।
इंजिन रनिंग में इंजिन ऑयल धीरे-धीरे अपनी चिपचिपाहट खोने लगता है और एक समय ऐसा आता है कि इसकी चिपचिपाहट पूरी तरह से खत्म हो जाती है और इंजिन के लिए बेकार हो जाता है इसका होना न होना एक जैसा है।
एयर प्रेशर रखें दुरुस्त
कार केयर टिप्स
अगर आपकी कार के किसी पहिए में हवा कम है तो उसे चलाना खतरनाक है और इससे गाड़ी का माइलेज भी प्रभावित होगा। इसलिए पहियों की हवा जरूर जांच लें। किसी लंबी यात्रा से पहले या फिर सप्ताह में एक बार जरूर इसे चेक करवाएं। यह काम आप किसी भी सर्विस स्टेशन पर करवा सकते हैं। प्रेशर गेज ले लें क्योंकि कई बार पंप के मीटर सही नहीं होते। आजकल तो इलेक्ट्रॉनिक एयर पंप आ रहे हैं जिन्हें आप अपनी गाड़ी में रख सकते हैं और जरूरत पड़ने पर गाड़ी के चार्जर से कनेक्ट करके हवा भर सकते हैं।
सर्विस में न बरतें कोताही
कार केयर टिप्स
यह ऐसा काम है जिसे आप स्वयं नहीं कर सकते लेकिन इसका नियमित अंतराल पर होना बेहद आवश्यक है क्योंकि इससे कार की परफॉर्मेंस पर असर पड़ता है। इसलिए कार की सर्विस नियमित तौर पर करवाएं। गाड़ी की सर्विस या तो सर्विस सेंटर से करवाएं या फिर किसी अनुभवी मेकैनिक की मदद लें। नई जगह पर बिना सोचे-समझे गाड़ी न छोड़ें।
अक्सर लोग कार तो खरीदते हैं लेकिन उसकी निर्देश पुस्तिका को पढ़ने में समय जाया नहीं करते लेकिन यह गलत हैविट है इसे बदलें और गाड़ी की निर्देष पुस्तिका को पढ़ने की आदत डालें। क्योंकि इसको पूरा पढ़कर आप अपनी कार के बारे में बेहतर ढंग से जान पाएंगे।