सबसे पहले आपको अपना बजट तय करना होगा कि आपको कितनी तक की कार लेनी है। बजट ऐसा रखें कि आप पर ज्यादा बोझ न पड़ें। अगर लोन लेकर पुरानी कार खरीदने की सोच रहे हैं, तो लोन इतना ज्यादा नहीं लेना कि बाद में सस्ती कार की EMI आपको महंगी पड़े और उस पर लगने वाली ब्याज दर भी सिरदर्द लगे।
पुरानी कार लेने से पहले आपको यह भी फाइनल करना होगा कि किस कंपनी की कार और कौन सा मॉडल लेना है। अगर यह आपने तय कर लिया तो कार खरीदने का लगभग आधा काम तो समझो आपका हो गया। फिर जो कार अपने फाइनल की है उसे सर्च करें। अगर आपको कोई मॉडल पसंद आता है तो फिर शुरू करें आगे की डील, अब एक पुरानी कार पर कैसे डील करनी चाइये? आइये जानते हैं।
कार की सर्विस हिस्ट्री कार मालिक से लेकर देखें। जिससे आपको पता चल जाएगा कि कार की सर्विसिंग और मेंटेनेंस कब-कब हुई है और कब कोई बड़ी खराबी कार में हुई । सर्विस हिस्ट्री से यह भी पता चल जाएगा कि इंजन ऑयल सही समय पर बदलवाया जा रहा है या नहीं। कार की हुड खोलकर यह भी चेक कर लें कि किसी तरह की कोई लीकेज तो नहीं है।
कार को जब देखने जायें तो अपने साथ एक मैकेनिक को अवश्य लेकर जाएं। कार को अंदर और बाहर दोनों तरफ से अच्छे से चेक करना होगा। कार के सभी पार्ट्स बॉडी, पेंटिंग, इंजन, दरवाजे, डिग्गी, हुड, लाइट, शीशे इत्यादि को बारीकी से जॉच लें।
कार को खरीदते वक्त जाहिर है आप उसकी आर सी जरुर देखेंगे लेकिन RC में लिखी डेट बोनट के नीचे गाड़ी की मैन्युफैक्चर डेट से मिलती है या नहीं यह भी चेक कर लें।
किसी भी गाड़ी को जब तक आप चला कर नहीं देखेंगे आपको कार की सही कंडीशन का अंदाजा नही होगा। इसलिए कार चलाकर उसका पिकअप, गियर शिफ्टिंग, एक्सिलेरेटर का पता लगाया जा सकता है कि इनमें कोई खराबी तो नहीं है।