सड़क परिवहन मंत्रालय की तरफ से निजी और कॉमर्शियल वाहनों में अतिरिक्त सुरक्षा के लिए अलग से डिवाइस लगाने के लिए नोटिफिकेशन जारी की गई है। सरकार ने लोगों से इस मामले में सुझाव और आपत्ति मांगी है।
सरकार के इस फैसले के बाद अब गाड़ी में हादसे के दौरान दरवाजों के जाम होने की समस्या को सुलझाया जाएगा। दरअसल सड़क दुर्घटना या आग लगने के दौरान वाहनों का इलेक्ट्रिक सिस्टम खराब हो जाता है, जिसके चलते वाहन के दरवाजे लॉक हो जाते हैं। इससे वाहन के अंदर लोगों के जलने का खतरा बढ़ जाता है। इसी परेशानी को दूर करने के लिए वाहनों में मैनुअल दरवाजों को खोलने का सरकार की तरफ से ड्राफ्ट में प्रावधान किया गया है।
इससे पहले मोदी सरकार ने कैब कंपनियों के मांग बढ़ने (पीक आवर) पर किराया बढ़ाने की सीमा तय कर दी है। यानी अब केंद्र सरकार के इस नए फैसले से ओला और उबर जैसी कैब कंपनियां पीक आवर में आपसे मनमाना किराया नहीं वसूल कर सकेंगी। बदलाव के बाद अब कैब कंपनियां आपसे सर्ज प्राइसिंग के नाम पर मूल किराये के डेढ़ गुना से अधिक किराया नहीं वसूल कर पाएंगी।
सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय की तरफ से जारी किए गए मोटर वाहन एग्रीगेटर दिशानिर्देश 2020 के मुताबिक, अब एग्रीगेटर कंपनियां मूल किराये का केवल डेढ़ गुना तक ज्यादा किराया वसूल कर सकती हैं। वहीं, कंपनियों को मूल किराये के 50 फीसदी तक न्यूनतम किराये वसूलने की मंजूदी दी गई है।
सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय की तरफ से जारी किए गए मोटर वाहन एग्रीगेटर दिशानिर्देश 2020 के मुताबिक, अब हर सवारी से लिए गए किराये का कम से कम 80 फीसदी हिस्सा वाहन के चालक को मिलेगा।