एक जनवरी से सभी गाड़ियों में Fastag लगाना अनिवार्य हो जाएगा। केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने यह एलान किया है। उन्होंने कहा कि सभी वाहनों में फास्टैग लगने के बाद टोल प्लाजा पर नकद भुगतान के लिए नहीं रुकना पड़ेगा।
इससे पहले नितिन गडकरी ने एलान किया था कि सरकार जीपीएस तकनीक से टोल लेने की तैयारी कर रही है। सभी गाड़ियां जीपीएस से लैस होंगी। इसमें गाड़ी को जीपीएस से ट्रैक कर पैसे अपने आप कट जाएंगे। अगले दो सालों ये सुविधा तैयार हो जाएगी। उन्होंने कहा, दो साल में टोल नाके पूरी तरह से खत्म करने की योजना है। ऐसा होने के बाद अगले दो साल में किसी भी हाईवे पर टोल बूथ नहीं रहेंगे।
फास्टैग खरीदने के लिए आपको ड्राइविंग लाइसेंस की फोटो कॉपी और वाहन के रजिस्ट्रेशन की जरूरत होगी। वहीं आप फोटो आईडी के तौर पर आधार कार्ड, पासपोर्ट या पैन कार्ड का इस्तेमाल कर सकते हैं।
एनएचएआई के अनुसार आप फास्टैग को किसी भी बैंक से 200 रुपये में खरीद सकते हैं। फास्टैग को आप कम से कम 100 रुपये से रिचार्ज करवा सकते हैं। सरकार ने बैंक और पेमेंट वॉलेट से रिचार्ज पर अपनी तरफ से कुछ अतिरिक्त चार्ज लगाने की छूट दी हुई है।
वाहन मालिक एसबीआई, एचडीएफसी, आईसीआईसीआई, बैंक ऑफ बड़ौदा, एक्सिस, सिटी यूनियन बैंक जैसे बैंकों की शाखाओं या ऑनलाइन सेवाओं से FASTags खरीद सकते हैं। इसके अलावा FASTag को NHAI के सभी टोल प्लाजा, PayTM, ई-कॉमर्स वेबसाइट जैसे अमेजन, और रोड ट्रांसपोर्ट अथॉरिटी (RTA) कार्यालयों पर जारी किया जा रहा है। ऑनलाइन टैग खरीदने के लिए ग्राहकों के लिए एक 'माई फास्टैग' ऐप भी उपलब्ध है।
FASTag के लिए आवेदन करने के लिए जिन दस्तावेजों की जरूरत है उनमें,
* फास्टटैग का नियम दो पहिया वाहनों के लिए नहीं है।