प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों की पहचान हो सकेगी
इस कलरकोडिंग का फायदा यह होगा कि इससे प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों की पहचान हो सकेगी। वहीं ऑटोमोबाइल सेक्टर के विशेषज्ञों का कहना है कि ने वाहन निर्माता कंपनियों को वाहनों में एडवांस एमीशन कंट्रोल सिस्टम फिट करना चाहिए, जो जो डीजल वाहनों में 70 फीसदी और पेट्रोल वाहनों में 25 फीसदी तक नाइट्रोजन ऑक्साइड के उत्सर्जन को कम करेगा। वहीं सरकार पहले ही साफ कर चुकी है कि BS4 वाहनों को सड़कों से हटाने की कोई योजना नहीं है और तय समय से पहले उनका रजिस्ट्रेशन रद्द नहीं किया जाएगा। सरकार का कहना है कि बीएस6 उत्सर्जन मानक वाले वाहनों से देश में वायु प्रदूषण का स्तर कम करने में मदद मिलेगी।