सब्सिडी कार्यक्रम में 10 लाख इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर्स, 5 लाख इलेक्ट्रिक थ्री-व्हीलर्स, 35,000 इलेक्ट्रिक कार और 7,090 इलेक्ट्रिक बसें शामिल होंगी। इसके अलावा इसमें 20,000 पूर्ण-हाइब्रिड वाहनों के लिए एक प्रावधान भी शामिल किया गया है।
बता दें, भारी उघोग मंत्रालय द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार डीलर को यह सुनिश्चित करना जरुरी होगा कि इस योजना का लाभ इलेक्ट्रिक थ्री व्हीलर या फोर व्हीलर ग्राहक अपने निजी उपयोग के लिए न कर सकें। इसी से निपटने के लिए डीलरों को खरीदारों से वैध परमिट लेना होगा। जिसमें यह साफ तौर पर लिखा होगा कि वाहन का इस्तेमाल पब्लिक ट्रांस्पोर्ट के लिए होगा या कॉमर्शियल ट्रांसपोर्ट के लिए होगा।