जीएसटी प्रणाली में पेट्रोल वाहनों पर जहां 29 फीसदी का जीएसटी है, तो डीजल वाहनों पर 31 फीसदी। मझोले आकार के डीजल वाहनों पर तो 43 फीसदी का जीएसटी है, जबकि कुछ एसयूवी पर सेस मिलाकर कुल 52 फीसदी का कर लगता है।
एसयूवी की बिक्री पर असर नहीं
सियाम के आंकड़ों के मुताबिक, एसयूवी की बिक्री पर डीजल की कीमत बढ़ने का कोई खास फर्क नहीं पड़ा है। दरअसल, पावर के हिसाब से देखा जाए तो पेट्रोल के मुकाबले डीजल पावरफुल ईंधन है। इसमें ज्यादा शक्ति है, टॉर्क ज्यादा है और सबसे बड़ी बात कि डीजल वाले वाहन में माइलेज भी ज्यादा है। आमतौर पर एसयूवी तो टशन के लिए खरीदी जाती है और जहां टशन की बात आ गई, वहां ईधन की कीमत कोई खास मायने नहीं रखती।
सभी ईधनों से होता है प्रदूषण
केंद्रीय परिवहन मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी का कहना है कि प्रदूषण के नाम पर किसी खास ईंधन को बदनाम करना ठीक नहीं है। डीजल वाले वाहनों में नाइट्रोजन ऑक्साइड ज्यादा निकलता है, तो पेट्रोल वाले वाहनों में कार्बन मोनोक्साइड ज्यादा निकलता है। सीएनजी वाले वाहनों से पर्टिकुलेट मैटर का ज्यादा उर्त्सजन होता है। ई-व्हीकल से उस शहर में भले ही ज्याद प्रदूषण नही हो, लेकिन जहां बिजली घर है, वहां तो प्रदूषण फैलता ही है।