इसमें वाहन डीलर की वेबसाइट पर बुकिंग और शुल्क जमा करके प्लेट खरीदी जा सकती हैं। इसके लिए डीलर की ऑनलाइन वेबसाइट पर प्लेट बुकिंग के साथ शुल्क भी जमा करना होता है। परिवहन विभाग को शिकायत मिल रही थी कि कुछ डीलर प्लेट लगाने के नाम पर मनमानी वसूली कर रहे हैं। जो प्लेट 250 से 400 रुपये में लग सकती है, उसके लिए एक हजार से ज्यादा रुपये वसूले जा रहे हैं।
दरअसल दिल्ली या अन्य स्थानों पर बिना एचएसआरपी के वाहन चलाने से चालान कटने का डर रहता है। ऐसे में लोग महंगी प्लेट लगाने के लिए भी तैयार हो जाते हैं। वहीं बिना प्लेट के अब गाजियाबाद में वाहन संबंधित कोई भी कार्य नहीं किया जाएगा। इसको लेकर जिले में प्लेट लगवाने के लिए मारामारी शुरू हो गई है।
वहीं परिवहन विभाग की ओर से प्लेट के नाम पर चल रही वसूली की रोकथाम के लिए डीलरों पर ऑनलाइन निगरानी की तैयारी की जा रही है। इसमें प्लेट लगवाने वाले डीलरों को परिवहन विभाग से अनुमति दी जाएगी। साथ ही डीलर की वेबसाइट विभाग के सॉफ्टवेयर वाहन-4 से लिंक रहेगी। इसके माध्यम से डीलर द्वारा बेची गई प्लेट की संख्या, शुल्क और किन वाहनों में प्लेट लगी हैं। सभी जानकारी विभाग को मिल सकेगी।
बिना प्लेट के नहीं होगा कोई काम
परिवहन विभाग की और से निजी और व्यावसायिक सभी वाहनों के लिए एचएसआरपी को आनिवार्य कर दिया गया है। इसके लिए विभाग ने 19 अक्तूबर अंतिम तारीख निर्धारित की थी। सोमवार से बिना एचएसआर प्लेट के पंजीयन, निलंबर, निरस्तकीरण, एनओसी, फिटनेस, स्वालंबन, होइपोथिकेशन यदि कोई कार्य नहीं होगा। इसके लिए सभी को सूचना दे दी गई है।
रिपोर्ट के मुताबिक एसआरटीओ प्रशासन, विश्वजीत सिंह ने बताया, परिवहन विभाग की ओर से वाहन डीलरों को हाई सिक्योरिटी प्लेट लगाने की जिम्मेदारी दी गई है, लेकिन इसके लिए अधिक रकम वसूली गलत है। इस पर नियंत्रण के लिए वेबसाइट को सॉफ्टवेयर से जोड़ा जाएगा, जिससे उसकी निगरानी की जाए।