गोदाम में 6400 करोड़ रुपये के बीएस4 वाहन
वहीं सोसाइटी ऑफ इंडियन ऑटोमोबाइल मैन्युफैक्चरर्स ने भी ऑटो कंपनियों और कंपोनेंट इंडस्ट्री से कुछ वक्त के लिए प्लांट्स को बंद करने का आग्रह किया है। वहीं फेडरेशन ऑफ ऑटोमोबाइल्स डीलर्स एसोसिएशन यानी फाडा पहले ही 31 मार्च की डेडलाइन बढ़ाने की मांग को लेकर सुप्रीम कोर्ट पहुंच चुका है, जिसकी सुनवाई 27 मार्च हो सकती है। ऑटो डीलर्स के पास 6400 करोड़ रुपये के बीएस4 वाहनों का स्टॉक अटा पड़ा है, वहीं कोरोना वायरस के चलते देशभर की 12 हजार डीलरशिप्स पर ताले लगे हुए हैं।
डीलर्स की रातों की नींद उड़ी
फाडा का कहना है कि 21 दिन के लॉकडाउन से पहले 31 मार्च तक लॉकडाउन करने का एलान किया गया था, इस दौरान देशभऱ की सभी डीलरशिप्स में काउंटर सेल्स में 60 से 70 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई है। वहीं कोई भी ओरिजनल इक्विमेंट मैन्युफैक्चरर्स अनसोल्ड बीएस4 स्टॉक वापस लेने के लिए राजी नहीं हुआ है। जिसका भुगतान डीलरशिप्स को ही उठाना पड़ेगा। ऑटो इंडस्ट्री से जुड़े लोगों का कहना है कि सबकुछ ठीक-ठाक और योजनाबद्ध चल रहा था, लेकिन कोविड-19 की अचानक दस्तक ने डीलर्स की रातों की नींद उड़ा दी है।
विलेन बना कोरोना वायरस
एक डीलर का कहना है कि कोरोना वायरस हमारे लिए बुरे सपने की तरह साबित हुआ है, जो अचानक आया हमारा सब कुछ उजाड़ गया। विलेन की तरह एंट्री करने वाले कोरोना वायरस से उपजे हालातों पर डीलर का कहना है कि मार्च की शुरुआत में ही ग्राहकों ने डीलरशिप्स पर आना बंद कर दिया था, संख्या बामुश्किल आधी रह गई थी। लोग सोशल डिस्टेंसिंग को प्रमुखता देने लगे। अगर वायरस का प्रभाव नहीं होता तो हम एक हफ्ते के अंदर अपना बीएस4 स्टॉक खाली कर चुके होते।
सुझाए बीएस4 वाहनों के बेचने के ‘जुगाड़’
ऑटो सेक्टर से एक एक्सपर्ट का कहना है कि डीलर्स के पास फंसे पड़े अनसोल्ड बीएस4 स्टॉक को खतम करने के लिए रास्ते तलाशने होंगे। इसके लिए ऐसे वाहनों को वाजिब कीमत पर सेकंड-हैंड वाहनों के तौर पर बेचा जा सकता है। उदाहरण के लिए, अगर कोई ग्राहक फिलहाल कीमत का 30 फीसदी चुकाने की स्थिति में नहीं है, तो वह अप्रैल में 20 फीसदी चुका कर यूज्ड कार के तौर पर खरीद सकता है। इस तरह से डीलर 10 फीसदी तक बचा सकते हैं। वहीं बीएस4 स्टॉक को यूज्ड कार की तरह बेचना डीलर और ग्राहक दोनों के लिए फायदेमंद साबित होगा। क्योंकि ग्राहक अगर सेकंड हैंड रजिस्टर्ड व्हीकल खरीदता है, तो उसे 0 किमी चला हुआ बिल्कुल नया वाहन मिलेगा। वहीं एक अप्रैल 2020 के बाद वैसे ही बीएस6 वाहनों की कीमतों में 10 से 15 फीसदी की बढ़ोतरी होनी है, ऐसे में वह नई कीमत चुकाने से बच जाएगा।
लीज पर दे सकते हैं वाहन
वहीं बीएस4 स्टॉक को खत्म करने के लिए विशेषज्ञ एक और ‘जुगाड़’ सुझाते हैं। उनका कहना है कि डीलर्स चाहें तो वे वाहनों को अलग-अलग कंपनियों के कर्मचारियों को लीज पर दे सकते हैं, जो उनकी सीटीसी (कॉस्ट टू कंपनी) का हिस्सा होगा। इसके अलावा वाहनो को निर्यात करने का भी विकल्प है, लेकिन उसकी अपनी सीमाएं हैं। हालांकि बीएस4 दोपहिया वाहनों की दक्षिण अफ्रीका निर्यात किया जा सकता है, लेकिन कारों के साथ ऐसा संभव नहीं है।