जर्मन ऑटो दिग्गज की पुणे के पास चाकन में एक विनिर्माण संयंत्र है, लेकिन देशव्यापी लॉकडाउन के कारण यहां उत्पादन फिलहाल बंद कर दिया गया है।
मर्सिडीज बेंज ने कोरोना वायरस महामारी से लड़ने के लिये पुणे के चाकन में स्थानीय प्राधिकरणों के साथ मिलकर एक अस्थायी अस्पताल बनाने की बुधवार को घोषणा की। इस अस्पताल में आइसोलेशन वार्ड के 1,500 बिस्तर होंगे।
कंपनी ने बताया कि यह सुविधा महाराष्ट्र हाउसिंग एंड एरिया डेवलपमेंट अथॉरिटी (MHADA) (म्हाडा) के आवास क्षेत्र में होगी, जिसे अभी नया बनाया गया है और इसमें 374 कमरे हैं।
कंपनी ने एक बयान में कहा कि उसके कर्मचारी एक-एक दिन का वेतन भी इस अभियान में देंगे। कंपनी कर्मचारियों के द्वारा जमा राशि के बराबर राशि अपनी ओर से महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री राहत कोष में जमा कराएगी।
कंपनी ने कहा कि महामारी पर काबू पा लिए जाने के बाद चिकित्सा के सारे उपकरण खेड़ के सिविल अस्पताल को दान दिए जाएंगे। आइसोलेशान वार्ड के अन्य सामान जनजाति छात्रावासों को दिए जाएंगे।
कोरोना से जंग में इससे पहले कई ऑटोमोबाइल कंपनियां सहयोग के लिए आगे आ चुकी हैं। मारुति सुजुकी और महिंद्रा ने वेंटिलेर बनाने की तरफ कदम बढ़ाए हैं। देश की प्रमुख कार कंपनी मारुति सुजुकी इंडिया ने देश में वेंटिलेटर उत्पादन बढ़ाने के लिए AgVa हेल्थकेयर के साथ मिलकर काम करने की घोषणा की है। देश में कोरोना वायरस संक्रमण फैलने की वजह से वेंटिलेटरों की जरूरत बढ़ गई है।
तो वहीं महिंद्रा ने बेहद कम कीमत में वेंटिलेटर के प्रोटोटाइप तैयार किए हैं। ये नए वेंटिलेटर प्रोटोटाइप कोरोना वायरस से संक्रमित रोगियों की मदद करेंगे। 5 से 10 लाख रुपये तक की लागत वाले ये जीवन रक्षक उपकरण केवल 7,500 रुपये से कम में मिलेंगे।
इसके अलावा Mahindra चिकित्सा सेवा से जुड़े लोगों के लिए Face Shield (फेस शील्ड) भी बना रही है। कंपनी 30 मार्च से अपने कांदिवली संयंत्र में इसका उत्पादन शुरू कर चुकी है। कंपनी शुरुआत में 500 यूनिट्स का निर्माण शुरू करेगी और फिर उत्पादन में तेजी लाएगी।
वहीं ह्यूंदै मोटर्स ने दक्षिण कोरिया से Covid 19 (कोरोना वायरस) की जांच किट मंगाने का ऑर्डर दिया है। जबकि कई अन्य ओईएम ने विभिन्न राहत प्रदान करने वाली एजेंसियों के लिए आर्थिक सहायता मुहैया कराई है।