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कोरोना वायरस की मार से डूबा पाकिस्तान का ऑटो सेक्टर, नहीं मिल रहे गाड़ियों के खरीदार

Thu, 26 Mar 2020 02:16 PM IST
अमर शर्मा ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

जब से कोरोनो वायरस महामारी ने दुनिया भर में अपनी दहशत फैलाई है तब से दुनिया के कई बड़े ऑटोमोबाइल बाजारों को तगड़ा झटका लगा है। फरवरी में चीन में बिक्री रिकॉर्ड स्तर पर गिर गई और मार्च में यूरोप के कई देशों और और भारत में प्रॉडक्शन प्लांट्स (उत्पादन संयंत्रों) में अस्थायी रूप से काम बंद कर दिया गया है।
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इमरान खान (फाइल फोटो) - फोटो : ANI
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विस्तार
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अमेरिका में, Ford  (फोर्ड) और GM (जीएम) जैसे निर्माताओं ने मास्क और वेंटिलेटर बनाने की संभावनाओं को तलाश रहे हैं। जब 2020 में कुल मिलाकर मोटर वाहन बाजार के लिए पूर्वानुमान बेहद निराशाजनक है, वहीं पाकिस्तान के ऑटो सेक्टर के लिए यह सबसे दर्दनाक झटका साबित हो सकता है। 
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पाकिस्तान के मीडिया के अनुसार, पाकिस्तान में कोरोना वायरस के 1,000 से अधिक पॉजिटिव मामले सामने आए हैं। कई प्रांतों ने लॉकडाउन का आदेश दिया है, लेकिन देश के प्रधानमंत्री इमरान खान ने अब तक राष्ट्रीय स्तर पर इस तरह के किसी कदम को लेकर अपना रुख साफ नहीं किया है। ऐसा संदेह है कि इमरान खान पहले से ही डगमगाई आर्थिक स्थिति के मद्देनजर, लोगों के स्वास्थ्य और सुरक्षा की कीमत पर, इसे और गिराने से बचने की कोशिश कर रहे हैं। 

भले ही अब तक कोई राष्ट्रीय लॉकडाउन नहीं लगाया गया है, तो भी घातक कोरोनो वायरस के प्रभावों को पहले से ही देखा जा रहा है - विशेष रूप से देश के नवजात ऑटोमोबाइल सेक्टर में। रिपोर्टों के मुताबिक नए गाड़ियों के लॉन्च को पहले ही हाथ खींच लिया गया है - Toyota  (टोयोटा) की Yaris (यारिस) इनमें से सबसे बड़ी है। स्थानीय घटक निर्माताओं ने इसका असर महसूस करना शुरू कर दिया है जो पहले से ही प्रॉडक्शन लाइनों पर भी प्रभाव डाल चुका होगा। 

नए वाहनों की मांग भी घट रही है। 2019 से ही बिक्री में गिरावट आ रही थी और कुछ कंपनियों ने तब उत्पादन को अस्थायी रूप से बंद कर दिया था। एक संभावित राष्ट्रीय लॉकडाउन के कारण काम बंद होने से, अगर यह होता है तो, स्थिति गंभीर रूप से खराब हो सकती है। पाकिस्तान की मीडिया द न्यूज के अनुसार, पिछले वित्त वर्ष में 2,40,335 यूनिट कारों और लाइट कमर्शियल व्हीकल्स (एलसीवी) की बिक्री हुई थी, जो इससे पहले के वित्त वर्ष से 7 फीसदी कम थी। कई लोगों को डर है कि गिरावट का यह आंकड़ा अब दोहरे अंकों में दिखाई दे सकता है। 
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मौजूदा हालात में परेशानियों का सामना करने वालों में पाकिस्तान का ऑटो सेक्टर अकेला नहीं है। हालांकि, इसकी मौजूदा स्थिति पहले से कहीं ज्यादा और दूसरी अन्य जगहों से भी अधिक हताश करने वाली लगती है। 
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