अब तक टीमें क्या हासिल कर पाई हैं, इस बारे में महिंद्रा ग्रुप के चेयरमैन - आनंद महिंद्रा ने ट्विटर पर एक वीडियो शेयर किया है।
विशेषज्ञ और अधिक रिसर्च के फीडबैक के आधार पर टीमें अब 3 और प्रोटोटाइप पर काम करेंगी। ये नए वेंटिलेटर प्रोटोटाइप कोरोना वायरस से संक्रमित रोगियों की मदद करेंगे। प्रोटोटाइप हल्के और अधिक कॉम्पैक्ट हैं और टीमों का लक्ष्य है कि वो 2 से 3 दिनों के भीतर इस काम को पूरा लेगी। महत्वपूर्ण बात यह है कि आनंद महिंद्रा ने यह भी कहा कि ये जीवन रक्षक उपकरण जिनकी लागत 5-10 लाख रुपये के बीच होती है, एक बार बनाने के बाद ये केवल 7,500 रुपये से कम में मिलेंगी।
महिंद्रा एंड महिंद्रा के प्रबंध निदेशक डॉ. पवन के गोयनका ने यह भी खुलासा किया है कि समूह दो बड़े सार्वजनिक उपक्रमों और मौजूदा वेंटिलेटर निर्माता के साथ मिलकर काम कर रहा है ताकि उन्हें डिजाइन को आसान बनाने और क्षमता बढ़ाने में मदद मिल सके और महिंद्रा की इंजीनियरिंग टीम भी उनके साथ इस काम में जुटी हुई है।
डॉ. गोयनका ने ट्विटर पर यह भी साझा किया कि कंपनी Bag Valve Mask (बैग वाल्व मास्क) वेंटिलेटर के एक ऑटोमैटिक वर्जन पर भी काम कर रही है जिसे आमतौर पर अम्बु बैग के रूप में जाना जाता है। कंपनी उम्मीद कर रही है कि अगले 3 दिनों में आवश्यक मंजूरी के लिए इसका एक प्रोटोटाइप तैयार हो जाएगा।