ताजा अनुमानों के मुताबिक, देश में बिना बिके हुए BS4 वाहनों में दोपहिया गाड़ियों की संख्या 6,00,000 से 8,00,000 यूनिट्स के बीच है। इन वाहनों का मूल्य करीब 3,600 करोड़ रुपये है। वहीं Federation of Automobiles Dealers Association (FADA), फेडरेशन ऑफ ऑटोमोबाइल्स डीलर्स एसोसिएशन (फाडा) के मुताबिक 6,400 करोड़ रुपये की BS4 इन्वेंट्री अभी भी बिना बिके पड़ी है। बता दें कि 1 अप्रैल 2020 से देशभर में नए ईंधन उत्सर्जन मानक BS6 लागू हो जाएंगे। इसके बाद BS4 गाड़ियों की बिक्री नहीं होगी।
फाडा ने कुछ दिनों पहले इस बारे में सर्वोच्च न्यायालय में याचिका दायर कर BS4 गाड़ियों के पंजीकरण की तारीख 2 महीने आगे तक बढा़ने की अपील की है। यानी BS4 इंजन की गाड़ियों की बिक्री की समय सीमा 31 मार्च से बढ़ाकर 31 मई तक करने की गुहार लगाई है।
हालांकि, सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस अरुण मिश्रा और एम. आर. शाह की एक बेंच ने फाडा की याचिका को सूचीबद्ध करने से इनकार कर दिया और कहा कि इसे 31 मार्च से पहले नहीं सुना जा सकता।
बता दें कि सुप्रीम कोर्ट के अक्तूबर 2018 के अपने आदेश में कहा था कि देश में 1 अप्रैल 2020 से BS6 ईंधन उत्सर्जन मानक वाले वाहनों का ही रजिस्ट्रेशन होगा। यानी 1 अप्रैल 2020 से BS4 इंजन वाले वाहनों का पंजीकरण नहीं होगा। इसलिए देशभर में 31 मार्च के बाद BS4 इंजन की गाड़ियों की बिक्री बंद हो जाएगी।
अब कोरोनो वायरस के चलते देशव्यापी लॉकडाउन के कारण स्थिति बदल गई है और सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को एक कॉन्फ्रेंस कॉल के जरिए इस मामले की सुनवाई करने पर रजामंदी दी है। फाडा के अध्यक्ष आशीष काले ने मौजूदा स्थिति की गंभीर बताया है। उन्होंने कहा, "20,000 से अधिक डीलर आउटलेट अब लॉकडाउन में बंद हैं। FADA को BS4 की बिक्री की समय सीमा बढ़ाए जाने के लिए सुप्रीम कोर्ट से राहत की बहुत उम्मीद है क्योंकि यह मुश्किल हालात हैं।"
ऐसी संभावना है कि समय सीमा नहीं बढ़ाई जाएगी। उस स्थिति के लिए उन्होंने कहा, "डीलर्स को सुप्रीम कोर्ट से राहत नहीं मिलने की स्थिति में, डीलर्स के लिए केवल यही विकल्प है कि वे हमारे ओईएम को बिना बिकी हुई इन्वेंट्री लौटा दें।"