2016 में दुनियाभर में बेची गई कारों के आकंड़े सामने आ गए है। इस साल सबसे ज्यादा कार चीन में बेची गई। लेकिन सबसे ज्यादा चौकाने वाली बात ये है कि चीन ने जितनी कारें बिकी है, उतनी अमेरिका, जापान, जर्मनी, यूके, फ्रांस, इटली और भारत जैसे बड़े देश मिलाकर भी नहीं बेच सकें।
इंटरनेशनल ऑर्गेनाइजेशन ऑफ मोटर व्हीकल मैन्युफैक्चरर्स की ओर से जारी आंकड़ों के अनुसार 2016 में चीन की पैसेंजर व्हीकल की सेल्स ग्रोथ 15.28 फीसदी रही। इस साल अमेरिका और जापान की सेल्स ग्रोथ में गिरावट दर्ज की गई है। वहीं इटली की सेल्स ग्रोथ चीन से ज्यादा रही।
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अगर सेल वॉल्यूम की बात करें तो चीन में 2,43,76902 करें बिकी। जबकि यूएस में 68,72,729 कारें, जापान में 41,46,459 कारें, जर्मनी में 33,51.607 कारें, यूके में 26,92,786 कारें, फ्रांस में 20,15,177 कारें, इटली में 18,24,968 कारें और भारत में 29,66,637 कारें बेची गई।
सलाना ग्रोथ के मामले में भारत तीसरे स्थान पर रहा। भारत ने अमेरिका, जापान और जर्मनी जैसे मार्केट को पीछे छोड़ दिया। इन सात देशों ने मिलकर कुल 23,87,0362 कारें बेची, जो चीन के मुकाबले 5,06,540 कम है। इस रिपोर्ट से नजर आता है कि चीन दुनिया भर का सबसे तेजी से बढ़ता हुआ कार मार्केट है। यहां सभी देश कार मार्केट में निवेश करने में लगे हैं।