इलेक्ट्रिक व्हीकल चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर प्रमोशन अलायंस के ताजा आंकड़ों के मुताबिक जून तक पब्लिक चार्जिंग पोस्ट्स की संख्या 4.12 लाख थी, जबकि प्राइवेट चार्जिंग पोस्ट्स की संख्या 5,91 लाख थी। सिर्फ एक साल में ही चार्जिंग स्टेशंस की संख्या में 69.3 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है।
रिपोर्ट में बताया गया है कि इनमें से 2,36 लाख चार्जिंग स्टेशन अल्टरनेट करंट (एसी) वाले हैं, जबकि 1,75 स्टेशंस डायरेक्ट करेंट फास्ट चार्जिंग वाले हैं, वहीं 500 स्टेशन मे दोनों तरह की सुविधाएं हैं। इनमें सबसे ज्यादा स्टेशन 75.3 फीसदी स्टेशंस बीजिंग, शंघाई, तियांजिन, जियांगसु, ग्वांगडोंग, शेनडोंग, झेजियांग, हेबेई, अनहुई और हुबेई प्रांत में हैं।
चीन की सरकारी समाचार एजेंसी शिन्हुआ के मुताबिक 2018 के मुकाबले साल की पहली छमाही में ऑटो की बिक्री में गिरावट दर्ज की गई है और 12.4 फीसदी की कमी आई है। वहीं न्यू एनर्जी व्हीकल्स की बिक्री में 49.6 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज हुई है।
वहीं भारत में भी इलेक्ट्रिक कारों के लिये चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर बढ़ाने को लेकर तैयारियां शुरू हो गई हैं। इसके तहत सरकार देश में पहला इलेक्ट्रिक हाईवे बनाया जाएगा,जो अगले साल मार्च 2020 तक चालू हो जाएगा। यह कॉरिडोर दिल्ली-जयपुर और दिल्ली-आगरा हाईवे पर बनेगा। इनमें 8 स्टेशंस दिल्ली-आगरा रूट और 10 चार्जिंग स्टेशन दिल्ली-जयपुर रूट पर बनेंगे। हर स्टेशन पर 10 चार्जर और 20 चार्जिंग प्वाइंट्स होंगे।