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तीन साल बाद सपना हो जाएंगी सस्ती कारें 

Sun, 26 Feb 2017 07:24 PM IST
अमित द्विवेदी, अमर उजाला, नई दिल्ली
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सस्ती कारें
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भारत में अभी विजेता वो है जो सबसे सस्ती कार बेचता है। मारूति सुजुकी ऑल्टो, टाटा नैनो, टाटा टियागो, रेनो क्विड, हुंडई ईयॉन, डैटसन रेडी गो ये वो कारें हैं जो भारत में एंट्री लेवल सेगमेंट में सस्ता विकल्प देती हैं। इन सबकी कीमत 3 लाख रुपये से कम है। लेकिन 2020 में आने जा रहे भारत स्टेज छह के मानक इस एंट्री लेवल की परिभाषा को पूरी तरह से बदल देंगे। सस्ती कारों का सपना पूरी तरह से टूट जाएगा। हम ऐसा इसलिए ऐसा कह रहे हैं क्योंकि इन जिन सेफ्टी फीचर्स की बात कंपनी कर रही है उन्हें लागू करने में कंपनियों को काफी कीमत लगानी पड़ेगी। ऐसे में अगर बिजनेस के लिहाज से बात करें तो कोई भी कंपनी ज्यादा कीमत पर कार बनाकर सस्ता बेचने की गलती नहीं करेंगी।
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कितनी महंगी होंगी कारें 

रेडी गो
सरकार के तरफ से बीएस 6 के लिए जो प्राविधान किए गए हैं उसे देखते हुए अनुमान लगाया जा रहा है कि वो एंट्री लेवल कारें जो अब सुरक्षा के बजाए वॉल्यूम पर फोकस कर रही हैं वो 25 से 30 फीसदी महंगी जो जाएंगी। पिछले दिनों एक साक्षात्कार के दौरान महिंद्रा एंड महिंद्रा के एग्जीक्यूटिव डायरेक्‍टर पवन गोयंका ने भी इस बात को स्वीकार किया था कि भारत स्‍टेज छह के लागू होते ही हमें हर जरूरी सुरक्षा उपकरणों को गाड़ियों में लगाना पड़ेगा जिस पर एक बड़ी कीमत आएगी और ऐसे में नहीं लगता कि कोई भी कार कंपनी घाटा सहकर सिर्फ वॉल्यूम बढ़ाने के लिए सस्ती कार बेचेगी। 
 
 

कंपनियों ने शुरू की तैयारी

क्रैश टेस्ट के दौरान एक कार।
धीरे-धीरे ऑटो निर्माता कंपनियों ने समय से पहले ही इसकी तैयारी शुरू कर दी है। कई एंट्री लेवल कारों में कई सुरक्षा फीचर जैसे कि एयरबैग, एबीएस और ईबीडी अब स्‍टैंडर्ड फीचर बन रहे हैं। मारूति के 5 लोकप्रिय कारों- एस क्रॉस, बलेनो, सियाज, विटारा ब्रेजा और इग्निस को पैदल चलने वालों, ऑफसेट-फ्रंटल और फुल फ्रंटल कैश सेफ्टी नॉर्म्स पर टेस्ट भी किया गया। मारूति ने अपने सफलता का दावा भी किया है। पेडेस्ट्रियन और फ्रंटल क्रैश टेस्ट के लिए रोहतक में 3,800 करोड़ रुपये का निवेश करके मारूति एक फैसिलिटी तैयार कर रही है। 

 

क्यों है ये जरूरी

2 लाख 65 हजार रुपये से शुरू होती है इसकी कीमत।
2015 में डब्‍ल्यूएचओ की एक रिपोर्ट में बताया गया था कि पूरी दुनिया के सड़क हादसों में हर साल 12.5 लाख लोगों की मौत होती है और इनमें से 2लाख लोगों का आंकड़ा सिर्फ भारत का है। इससे भारत में होने वाले नुकसान की बात करें तो यह 58 अरब डॉलर है यानी कि भारतीय अर्थव्यवस्‍था का 3 फीसदी हिस्सा। इसको देखते हुए सरकार ने ऑटो कंपनियों को 2020 की एक गाइडलाइन दी है जिसके तहत सुरक्षा नियमों को हर कार में फॉलो करना जरूरी होगा।

 
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अब आपकी गाड़ी में मिलेंगे ये फीचर

टाटा टियागो
एयरबैग्स, एंटी-लॉक ब्रेकिंग सिस्टम और क्रैश टेस्ट को धीरे-धीरे अनिवार्य बनाया जा रहा है। देश के नए मोटर वाहन सुरक्षा असेसमेंट प्रोग्राम के तहत सभी पैसेंजर कारों के मॉडल्स को पूरी तरह से फ्रंटल इंपैक्ट, ऑफसेट फ्रंटल इंपैक्ट और साइड इंपैक्ट क्रैश टेस्ट को इस साल अक्टूबर से पास करना अनिवार्य होगा। इसके बाद फिर कार निर्माताओं को सरकार एक साल का वक्त दे रही है जिसमें पेडेस्ट्रियन प्रोटेक्शन यानी कि पैदल यात्रियों की सुरक्षा को अनिवार्य करना होगा। इसके साथ ही सरकार स्क्रैप पॉलिसी पर भी गंभीरता से विचार कर रही है। 2020 में जब भारत स्‍टेज छह लागू होगा तो हर कार में सुरक्षा के सभी जरूरी उपकरण होंगे।

प्रीमियम कारों पर नहीं होगा ज्यादा असर
भारत में बिक रही प्रीमियम कारों जैसे कि बीएमडब्‍ल्यू, ऑडी, मर्सिडीज जैसी कार कंपनियों पर इसका ज्यादा असर नहीं पड़ेगा क्योंकि ये कंपनियां अपने मॉडल्स में पहले से ही ये सुरक्षा उपकरण लगाकर बेच रही हैं जिनकी अनिवार्यता 2020 से होगी।
 
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