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दक्षिणी दिल्ली में कार चोरों का आतंक, इस वजह से चुराते हैं Seltos, Venue जैसी SUV की टायर और बैटरी

Mon, 14 Dec 2020 03:54 PM IST
अमर शर्मा ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

कार के टायर और बैटरी चोरी की घटनाओं के लिए सावधानीपूर्वक योजना की जरूरत होती है, लेकिन इस तरह की घटनाओं की बढ़ती संख्या से पता चलता है कि बड़े वाहनों को निशाना बनाने वाले कितने सटीक तरीके से लूट को अंजाम दे रहे हैं। 
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Kia Seltos Tyre Theft - फोटो : For Reference Only
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विस्तार
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भारतीय ऑटोमोबाइल बाजार में सब-4-मीटर एसयूवी की मांग में काफी तेजी आई है। इस सेगमेंट में एक से बढ़कर एक नई मॉडल्स की कार ने ग्राहकों को अपनी ओर लुभाया है। लेकिन इसके साथ ही चोरों की निगाह भी इन्हीं एसयूवी पर टिक गई हैं। दक्षिणी दिल्ली में हाल के दिनों में एसयूवी कारों के टायर और बैटरी चोरी होने की घटनाओं ने कार मालिकों की चिताएं बढ़ गई हैं। 

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मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, शनिवार का दिन 63 वर्षीय अनीता हलधर के लिए काफी चिंता और तनावभरा रहा। सुबह-सुबह जब उनके ड्राइवर ने दरवाजे की घंटी बजाई, और उन्हें यह खबर दी कि उनके घर की सेल्टोस कार के चारों टायर गायब हैं तो उनके पैसों तले जमीन खिसक गई। ड्राइवर ने बताया कि चोरों ने कार को पत्थरों पर टिकाकर टायर लेकर कर चंपत हो गए हैं। 

लेकिन चोरों ने आतंक को दर्शाने वाली दिल्ली में यह कोई पहली या आखिरी घटना नहीं थी। किसी और दिन चोरों ने किसी और कार को अपना निशाना बनाया। दक्षिण दिल्ली के कई इलाकों में उपद्रवी तेजी से सक्रिय हो चुके हैं और और वे एसयूवी गाड़ियों को अपना शिकार बनाते हैं। 

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सीआर पार्क में आई-ब्लॉक में रहने वालीं हलधर कहती हैं कि उन्होंने ऐसी घटनाओं के बारे में सुना था, जिनमें कारों के टायर चोरी हो गए थे। लेकिन उन्होंने शायद ही कभी ऐसा सोचा होगा कि उनकी 14 महीने पुरानी कार के साथ भी ऐसा हो सकता है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक चटख नारंगी रंग की अपनी किआ कार की ओर इशारा करते हुए उन्होंने कहा, "मेरी कार को देखो। यह मेरे घर के सामने इस तेज रौशनी वाली एलईडी स्ट्रीटलाइट के नीचे खड़ी है।"

वे कहती हैं, "वास्तव में, मेरे ड्राइवर ने शुरू में सोचा था कि जिस तरह से कार झुकी हुई थी, हो सकता कोई टार पंक्चर हो गया होगा। लेकिन जब उसने देखा कि टायर गायब थे तो उसने जल्दी से हमें सूचित करने के लिए दरवाजे की घंटी बजाई।" 

63 वर्षीय सामाजिक कार्यकर्ता ने पुलिस को बुलाया जो मामले की जांच करने के लिए आई थी। हालांकि उनके 68 वर्षीय पति बताते हैं कि उन्हें एफआईआर दर्ज करने के लिए व्यक्तिगत रूप से पुलिस स्टेशन जाना पड़ा।

हलधर ने कहा, "स्टेशन पर उन्हें बताया गया कि हमारे क्षेत्र के आसपास के कुछ बैरिकेड शुक्रवार रात को मेहरौली भेज दिए गए थे। हमारे क्षेत्र में एक सीसीटीवी है, लेकिन यह काम नहीं कर रहा था।" हलधर के मुताबिक यह एक सुनियोजित लूट हो सकती है। 

इस तरह की घटनाओं के लिए सावधानीपूर्वक योजना की जरूरत होती है, लेकिन इस तरह की घटनाओं की बढ़ती संख्या से पता चलता है कि बड़े वाहनों को निशाना बनाने वाले कितने सटीक तरीके से लूट को अंजाम दे रहे हैं। 

इससे सटा हुआ इलाका कालकाजी भी सुरक्षित नहीं कहा जा सकता, जहां टायर चोरी होने के कई मामले सामने आए हैं। ऐसी घटनाओं में आमतौर पर किआ सेल्टोस या ह्यूंदै क्रेटा और ह्यूंदै वेन्यू जैसी एसयूवी को शिकार बनाया जाता है।

संभवतः इनके आकर्षक रूप से डिजाइन किए गए अलॉय व्हील्स के कारण चोर इन्हें चुराने में देरी नहीं लगाते क्योंकि सेकंड हैंड मार्केट में इनकी अच्छी कीमत मिलने की संभावना रहती है। रिपोर्ट के मुताबिक थोड़ा आश्चर्य तो यह है कि पिछले कुछ हफ्तों में, एक नए सफेद सोनेट, एक नीले रंग की वेन्यू और एक सफेद सेल्टोस के पहिए गायब हो गए हैं। 

ऐसा माना जा रहा है कि कम से कम दो से तीन लोग रात के सन्नाटे में आते हैं और पहले से चुने हुए वाहन के पहियों को जल्दी से निकाल कर नौ दो ग्यारह हो जाते हैं। और जबकि दक्षिणी दिल्ली के कई इलाकों में रात में बैरिकेडिंग की जाती है, इससे शायद ही ऐसे घटनाओं को रोकने में कोई मदद मिलती है।

ऐसे मामलों की जानकारी रखनेवाले लोग बताते हैं कि नई कारों के अलॉय व्हील्स की मांग है और इनकी अच्छी कीमत मिल जाती है। और ज्यादातर कार सड़कों पर पार्क किए जाते हैं, इन्हें निशाना बनाना बहुत आसान हो जाता है। 

सड़कों पर खड़ी छोटी कारों से बैटरी चोरी की घटनाएं भी चिंता का सबब बनी हुई हैं। ऐसी वारदातों को अंजाम देने के लिए चोर रात के अंधेरे का भी इंतजार नहीं करते हैं। 52 वर्षीय सरकारी कर्मचारी विनीत सिंह कहती हैं, "कैलाश कॉलोनी में मेरे दोस्त के अपार्टमेंट के ठीक बाहर मेरी ऑल्टो कार पार्क की गई थी। वहां पूरा दिन बिताने के बाद आया जब मैं लौट रही थी और तो कार स्टार्ट नहीं हो रही थी।

आखिरकार, हमने जब बोनट खोला तो पाया कि कार की बैटरी निकाल ली गई है।" उन्होंने कहा, "ऐसा हो सकता है कि चोर ने ऐसा दिखावा किया हो कि यह उसकी कार है। और वह बोनट खोलने में कामयाब रहा होगा और यह दिखावा कर रहा होगा कि वह उसका निरीक्षण कर रहा है। वहां से गुजरने वालों ने सोचा होगा कि यह उसकी कार है।" 
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गैराज की जगह सीमित होने और सड़कों पर पार्क होने वाले वाहनों की बढ़ती संख्या, वाहनों के पार्ट्स चोरी होने के लगातार बढ़ते मामलों के मुख्य कारणों में से एक है। और सीसीटीवी की क्वालिटी अक्सर अच्छी नहीं पाई जाती है और चोर चेहरे पर मास्क पहने होते हैं, जिसकी वजह से अक्सर आरोपी की पहचान करना मुश्किल होता है।

किसी कार के चार पहियों को हटाने का काम जल्दी से करने के लिए, और कार को पत्थरों पर रखना और बैरिकेड वाले रास्तों से 'लूट' के सामान के साथ भाग निकला, ये घटनाएं सुनने में बहुत असामान्य लगती हैं। हलधर कहते हैं, "मुझे उम्मीद नहीं है कि आरोपी पकड़े जाएंगे। पहले भी हो चुकी ऐसी घटनाएं आज तक हल नहीं हुई हैं। मैंने बीमा के लिए दावा किया है, लेकिन इस तरह की घटनाओं से लड़ने की जरूरत है।"

फिलहाल के लिए, सबसे अच्छा समाधान यही है कि अगर जगह हो तो सिर्फ आवासीय परिसर के अंदर वाहनों को खड़ा किया जाए, क्योंकि सीसीटीवी और अच्छी तरह से रौशन इलाके भी ऐसी वारदातों को रोकने में नाकाम हैं। 
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