राष्ट्रीय राजमार्गों पर स्थित टोल प्लाजा पर ‘फास्टैग’ अनिवार्य होने के दो माह बाद भी वाहन चालकों को जाम में फंसना पड़ रहा है। मथुरा के व्यवसायी की गाड़ी का फास्टेग भुगतान हो गया, जबकि उनकी गाड़ी घर में खड़ी थी। इसी तरह ट्रांसपोर्ट व्यवसायी का फास्टेग रीड नहीं कर पाने पर उससे दोगुना जुर्माना भरना पड़ गया।
राजमार्ग के टोल प्लाजा पर फास्टैग को लेकर पैदा हो रहीं परेशानियों की यह दो उदाहरण हैं। वृंदावन के व्यवसायी भरत यादव की पजेरो गाड़ी संख्या यूके 06 डब्ल्यू-2222 घर में खड़ी थी।
27 जनवरी को उनके फास्टैग एकाउंट से फतेहपुर रामपुर टोल से 135 रुपये कट गए। इसी तरह जाखौली टोल से उनके फास्टैग से 25 रुपये 30 दिसंबर 2019 को कट गए थे। भरत ने बताया कि उन्होंने एनएचएआई के अधिकारी से बात की तो उन्होंने बताया कि मेल पर शिकायत करो। आज तक रिफंड नहीं मिल सका है।
ट्रांसपोर्ट कैरियर एसोसिएशन के अध्यक्ष दीपक शर्मा ने बताया कि वह दिल्ली जा रहे थे। महुअन टोल पर उनकी कार पर लगे फास्टैग को मशीनें रीड नहीं कर सकीं, जबकि रिचार्ज था। इसके बाद भी कर्मचारियों ने जुर्माने के तौर पर दोगुना टोल वसूल लिया। यह तो वाहन चालकों के साथ ज्यादती है।