अध्ययन के निष्कर्षों के मुताबिक, 73 फीसदी उपभोक्ताओं ने महसूस किया कि अपनी कार से दूर की यात्रा करने में कमी आई है, जिसके कारण लगभग 65 फीसदी प्रतिभागियों के कारों की सर्विसिंग की संख्या में गिरावट आई है। इसके अलावा, 73 फीसदी प्रतिभागियों ने महसूस किया है कि कार की सर्विसिंग की लागत में भी गिरावट आई है।
सहूलियत ले रही हैसियत की जगह
कांतर मिलवार्ड ब्राउन के एक्जीक्यूटिव वाइस प्रेसिडेंट आनंद परमेश्वरन ने कहा कि ऐसा लगता है कि कैब एग्रीगेटर सेवाएं ऑटोमोटिव श्रेणी को इच्छा से बदलकर एक वस्तु में तब्दील कर रही हैं। उन्होंने कहा कि एग्रीगेटर द्वारा दिए जाने वाले लाभ के कारण स्टेटस के रूप में जानी जाने वाली एक श्रेणी सहूलियत में तब्दील हो रही है।
परमेश्वरन ने कहा कि ये लाभ उपभोक्ताओं को अपनी कार की जगह एग्रीगेटर का चुनाव करने में मदद कर रहे हैं। वाहन निर्माता कारों की मांग, कार रखने की चाहत, कार रखने की हैसियत तथा ड्राइविंग के प्रति लोगों के अंदर इच्छा जगाने से मिलने वाले लाभ पर अब अपना ध्यान केंद्रित नहीं कर सकते।
आराम तथा सहूलियत को प्राथमिकता
अध्ययन के मुताबिक, 59 फीसदी प्रतिभागियों के लिए कैब का चयन करने में आराम तथा सहूलियत मायने रखता है। लगभग 66 फीसदी प्रतिभागियों को यह भी लगता है कि एग्रीगेटर कैब की सेवा नियमित कैब की तुलना में बेहतर होती है, जिससे उनकी लंबी दूरी की यात्रा भी बेहद आरामदेह हो जाती है।
परमेश्वरन ने कहा कि ऐसा लगता है कि एग्रीगेटर कैब के उदय से उपभोक्ताओं ने खुद ड्राइव करने का एक विकल्प तलाश लिया है। सड़कों पर भीड़-भाड़, पार्किंग की जगह मिलने में असुविधा के चलते उपभोक्ता ड्राइव करने के आनंद की तुलना में सहूलियत को महत्ता दे रहे हैं।