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लॉकडाउन के बाद अगर आपने BS4 गाड़ी खरीदी, तो आप एक नई गाड़ी के 'सेकंड हैंड' मालिक होंगे

Wed, 29 Apr 2020 09:09 PM IST
अमर शर्मा ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

अगर आप एक नई गाड़ी खरीदने के बारे में सोच रहे हैं और लॉकडाउन के बाद एक नई बीएस4 को खरीदने की सोच रहे हैं, तो यह गाड़ी नई होने के बावजूद 'सेकंडहैंड' होगी। ये बात चौंकाने वाली जरूर है लेकिन करोड़ों रुपये के बीएस4 वाहनों के कबाड़ होने के डर से घबराए वाहन डीलर्स ने लॉकडाउन के दौरान ऐसे वाहनों को ठिकाने लगाने के जुगाड़ ढूंढ निकाला।
 
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Cars Inventory - फोटो : PTI
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विस्तार
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फाडा की गुहार लगाने के बाद सुप्रीम कोर्ट ने 6 अप्रैल को आदेश दिया था कि ऑटोमोबाइल डीलर लॉकडाउन खुलने के बाद बीएस4 स्टॉक में से सिर्फ 10 फीसदी वाहन ही बेच सकते हैं। इसमें भी शर्त ये थी इन गाड़ियों की बिक्री दिल्ली और एनसीआर में नहीं होगी। इससे पहले बीएस4 वाहनों को रजिस्टर करने की आखिरी तारीख 31 मार्च थी, लेकिन लॉकडाउन के चलते शीर्ष अदालत ने कुछ शर्तों के साथ छूट दी थी। 
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डीलर्स ने स्टॉक में पड़े बीएस4 वाहनों को खुद ही खरीद कर रजिस्ट्रेशन कराना शुरू कर दिया। डीलर्स ने तरकीब निकालते हुए इन वाहनों को अपने स्टाफ, परिजनों के नाम से रजिस्टर्ड करवा दिया। ये हाल किसी एक शहर का नहीं है बल्कि लगभग सभी राज्यों में डीलर्स ने इस हथकंडे को अपनाया है। डीलर्स का कहना है कि इसकी वजह है कि अधिकांश ऑटोमोबाइल निर्माता कंपनियों ने डीलर्स से बीएस4 वाहनों को वापस लेने से मना कर दिया था। जिसके चलते डीलर्स की मजबूरी बन गई कि कैसे इन वाहनों को ठिकाने लगाए। 

मार्च तक के Federation of Automobiles Dealers Association (FADA), फेडरेशन ऑफ ऑटोमोबाइल्स डीलर्स एसोसिएशन (फाडा) के आंकड़ों के मुताबिक देश में ही अकेले बिना बिके बीएस4 दोपहिया वाहनों की संख्या 6 से 8 लाख के बीच थी, जिनकी कीमत 6400 करोड़ रुपये से ज्यादा थी। 

रिपोर्ट के मुताबिक देहरादून में एसएल होंडा के निदेशक नरेंद्र बत्रा ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि डीलर सिर्फ 10 फीसदी बीएस4 वाहनों को लॉकडाउन खत्म होने के बाद 10 दिन के भीतर बेच सकते हैं। जबकि प्रदेश में डीलर्स के पास बीएस-4 वाहनों का बहुत स्टॉक बचा है। अकेले देहरादून में करीब 800 दोपहिया और 150 कारें बीएस4 इंजन वाली हैं। 

डीलर का कहना है कि 10 फीसदी गाड़ियां बेचने के बाद भी कई वाहन बिने बिकी रही जाएंगी, जिससे डीलर को खासा नुकसान पहुंचने वाला है। नुकसान से बचने के लिए लगभग सभी डीलर्स ने बीएस4 के बचे स्टॉक का रजिस्ट्रेशन अपने या अपनों के नाम पर करवा लिया। ऐसे में लॉकडाउन के बाद बीएस4 वाहन खरीदने वाले लोगों को वाहन तो नया मिलेगा लेकिन वाहन के पंजीकरण में उनका नाम सेकेंड हेंड मालिक के रूप में ही दर्ज होगा। 

सानवी ऑटो के मालिक लक्षित बत्रा के मुताबिक मार्च महीने में ही 150 टूव्हीलर्स गाड़ियों का आरटीओ में रजिस्ट्रेशन करा लिया गया था। लॉकडाउन खत्म होने के बाद इन वाहनों को बेचा जाएगा। 
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उप परिवहन आयुक्त एसके सिंह का कहना है कि उच्चतम न्यायालय के आदेश के मुताबिक राज्य में 30 अप्रैल 2020 तक बीएस4 वाहनों के रजिस्ट्रेशन की छूट है। इन वाहनों की बिक्री पहले ही हो चुकी है लेकिन उनका रजिस्ट्रेशन नहीं हो पाया था। इसलिए इन वाहनों के रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया को पूरा करने के लिए परिवहन दफ्तरों को लॉकडाउन से विशेष परिस्थितियों में छूट दी गई है। 
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