Chowkidar, narendra modi
इस पूरे मामले में प्रतिक्रिया देते हुए खंडवा के पुलिस अध्यक्ष सिद्वार्थ बहुगुणा के ने बताया कि “विधायक राम डांगोर के वाहन को सोमवार शाम को ट्रैफिक पुलिस ने मोटर वाहन अधिनियम के उल्लंघन के लिए रोका था। ” जिस समय उनकी कार रोकी गई उस समय विधायक ने पुलिस से बात की और चालान स्वीकार नहीं किया।
हालांकि, बाद में अदालत के माध्यम से उन्हें चालान भेजा गया था। विधायक राम डांगोर के अनुसार, "ट्रैफिक पुलिस कर्मियों ने मेरे वाहन को रोक दिया और कहा कि मैं अपने वाहन पर चौकीदार नहीं लिखूंगा क्योंकि यह आदर्श आचार संहिता (एमसीसी) का उल्लंघन था। मैंने उनसे कहा कि यह सिर्फ एक शब्द है और किसी राजनीतिक दल से जुड़ा नहीं है। लेकिन उन्होंने मेरी बात नहीं सुनी और मुझसे जुर्माना भरने को कहा। ”
वैसे तो यह एक गंभीर अपराध है या नहीं, इस पर बहस की जा सकती है क्योंकि यहाँ सही या गलत बताते हुए कोई निश्चित जवाब नहीं है। हालाँकि, एक चालान जारी किया गया है और अदालत के माध्यम से भेजा गया है, इसलिए इसे कानून का समर्थन मिला है । जिसमें इसे भुगतान करने की आवश्यकता है, और ऐसा न करने की स्थिति में TUV300 जब्त की जा सकती है।