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वाहन क्षेत्र की मांग, मौजूदा उत्पादकों को भी मिले प्रोत्साहन

Sat, 06 Mar 2021 01:01 AM IST
Jeet Kumar एजेंसी, नई दिल्ली।

सार

  • सियाम और एक्मा ने कहा...सिर्फ नए उत्पादकों को मिल रहा है पीएलआई योजना का लाभ
  • देश में 25 अरब डॉलर के सालाना आयात को घटाने का भरपूर अवसर 
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : Social
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विस्तार
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केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी की वाहन उद्योग को घरेलू उपकरण इस्तेमाल करने की चेतावनी के बाद सियाम और एक्मा ने सरकार से मौजूदा उत्पादकों को भी प्रोत्साहन देने की गुहार लगाई है।

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वाहन निर्माताओं के संगठन सियाम एवं कलपुर्जा निर्माताओं के संगठन एक्मा ने शुक्रवार को कहा कि घरेलू उत्पादन को बढ़ावा देने वाली उत्पादन आधारित प्रोत्साहन (पीएलआई) योजना का लाभ सिर्फ नए खिलाड़ियों को मिल रहा है, जबकि देश में 25 अरब डॉलर के सालाना आयात को घटाने का भरपूर अवसर है। 

उद्योग एवं आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग (डीपीआईआईटी) एवं नीति आयोग की ओर से शुक्रवार को पीएलआई योजना पर आयोजित कार्यक्रम में सोसायटी ऑफ इंडियन ऑटोमोबाइल मैन्युफैक्चरर्स (सियाम) के अध्यक्ष केनिचि आयुकावा एवं सीआईआई मैन्युफैक्चरिंग परिषद के चेयरपर्सन बाबा कल्याणी ने कहा कि घरेलू वाहन और कलपुर्जा उद्योग वैश्विक प्रतिस्पर्धा की दौड़ में काफी पीछे हैं।
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इसलिए पीएलआई योजना के तहत इन क्षेत्रों को प्रोत्साहन देना जरूरी है। यह प्रोत्साहन जमीन, श्रम, पूंजी, माल ढुलाई और नियमन की लागत घटाने के रूप में दिया जा सकता है। पिछले दिनों केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने कहा था कि आप घरेलू उपकरणों का इस्तेमाल कीजिए अन्यथा आयात पर शुल्क बढ़ा देंगे। 

वाहन उद्योग की रीढ़ है एमएसएमई
आयुकावा ने कहा कि वाहन एवं कलपुर्जा क्षेत्र में 2025-26 तक निर्यात में दोगुना वृद्धि की संभावना है। वाहन निर्माता अभी 19 अरब डॉलर और कलपुर्जा निर्माता 30 अरब डॉलर का निर्यात कर रहे हैं। निर्यात लक्ष्य का पाने के लिए क्षेत्र को प्रोत्साहन देना जरूरी है।

उन्होंने आगे कहा कि एमएसएमई (सूक्ष्म, लघु एवं मझोले उद्योग) वाहन उद्योग की रीढ़ है। एमएसएमई के लिए उच्च प्रौद्योगिकी की स्थापना के साथ औद्योगिक बुनियादी ढांचे और कुशल संसाधनों की उपलब्धता बढ़ाने की जरूरत है। हालांकि, सरकार और उद्योग जगत मिलकर यह तय करेंगे कि पांच साल बाद पीएलआई योजना की जरूरत न पड़े।

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