नई कार की डिलीवरी
- फोटो : For Representation Only
भारत में ऑटो निर्माताओं ने बताया है कि महानगरों की तुलना में ग्रामीण और टियर 2 बाजारों में उन्होंने मांग में एक बढ़िया उछाल देख रहे हैं। इसकी मुख्य वजह यह है कि इन क्षेत्रों में ग्राहक नई खरीदारी को लेकर सकारात्मक हैं, वहीं महानगरों में रहने वाले ग्राहक खरीदारी को लेकर अभी भी हिचक रहे हैं। इसके अलावा, ग्रामीण और टियर 2 बाजारों में डीलरशिप शहरों की तुलना में ज्यादा कर्मचारियों के साथ चल रही है, क्योंकि शहर में कंटेनमेंट जोन में आने वाले कुछ डीलरशिप अभी भी बंद हैं। इसके साथ ही मेट्रो शहरों में संक्रमण के बढ़ने मामलों को देखते हुए, कार खरीदार शोरूम पर जाने की बजाए घर के अंदर रहना पसंद कर रहे हैं।
Maruti Suzuki S-Presso
- फोटो : Amar Ujala
देश की सबसे बड़ी वाहन निर्माता कंपनी, Maruti Suzuki (मारुति सुजुकी) ने भी लॉकडाउन के बाद अपनी कुल बिक्री में ग्रामीण बाजारों से बढ़ी हुई हिस्सेदारी दर्ज की है। मारुति सुजुकी इंडिया के कार्यकारी निदेशक शशांक श्रीवास्तव ने कहा, "पिछले महीने हमें जो रिपोर्ट मिली है, उसके आधार पर, शहरी बाजारों की तुलना में ग्रामीण बाजारों में बेहतर मांग देखी जा रही है। यदि हम आंकड़ों पर नजर डालें तो ग्रामीण बाजार का योगदान लॉकडाउन के बाद बढ़कर 40 फीसदी तक पहुंच गया है जो की पहले 38 फीसदी था। ग्रामीण बाजार के प्रदर्शन के पीछे कुछ सकारात्मक वजहें हैं जैसे रबी फसल की उचित खरीद हुई है और खरीफ फसलों की अच्छी बुवाई हुई है।"
Hyundai Creta
- फोटो : Hyundai India
मारुति सुजुकी की सबसे नजदीकी प्रतिद्वंद्वी कंपनी Hyundai (ह्यूंदै) ने भी ग्रामीण बाजारों में खरीदारों की भावनाओं को सकारात्मक पाया है। कंपनी का कहना है कि ग्रामीण बाजारों ने कुल बिक्री में 17 फीसदी से ज्यादा का योगदान दिया है। Venue (वेन्यू), i20, Grand i10 Nios (ग्रैंड i10 Nios), Verna (वरना) और ऑल-न्यू Creta (क्रेटा) जैसी कारें इन बाजारों में ग्राहकों के बीच तेजी से लोकप्रिय हो रही हैं।
कंपनी के प्रवक्ता ने कहा, "पिछले 3 महीनों में 50,000 से ज्यादा लोगों ने हमसे पूछताछ की है। इसी अवधि के दौरान नई सेकेंड जेनरेशन क्रेटा के लिए 20 फीसदी बुकिंग ग्रामीण बाजारों से हुई है। इसके अलावा Nios (एनआईओ) और Aura (ऑरा) जैसे नए मॉडल की मांग में भी तेजी देखी जा रही है। Nios की 19 फीसदी और Aura की 9 फीसदी बुकिंग इन्हीं ग्रामीण बाजारों से हुई हैं। कुल मिलाकर, हमने ग्रामीण बाजारों से जनवरी-जून 2020 की अवधि में 27,900 से अधिक बिक्री दर्ज की है और इसमें पिछले साल इसी अवधि की तुलना में वृद्धि हुई है। उत्तर, दक्षिण और पश्चिमी क्षेत्रों में मजबूत मांग देखी जा रही है और पूर्व इससे थोड़ी ही पीछे है।"
Renault Triber
- फोटो : For Representation Only
इन आंकड़ों को देखने के बाद इसमें आश्चर्य की बात नहीं है कि Renault India (रेनो इंडिया) जैसी कंपनियां अपने वाहनों को ग्रामीण बाजारों में बेचने में दिलचस्पी दिखा रही हैं। कंपनी अपनी हैचबैक कार Kwid की मांग में पहले ही जबरदस्त उछाल देख रही है, लेकिन अब वह Triber (ट्राइब) से इस बाजार से ज्याद उम्मीद कर रही है। यही कारण है कि पिछले साल इसने एक योजना शुरू की जिसमें देश भर में 330 ग्रामीण शहरों को लक्षित किया गया। इन कोशिशों ने रंग दिखाया है क्योंकि Renault India की कुल बिक्री में योगदान के मामले में, ग्रामीण बाजारों ने लॉकडाउन के बाद Q2 (क्वार्टर2) में लगभग 25 फीसदी का योगदान दिया है, जो कि लॉकडाउन से पहले Q1 (क्वार्टर2) के 19 फीसदी से ज्यादा है।
Tata Tiago Facelift
- फोटो : Tata Motors
यहां तक कि Tata Motors (टाटा मोटर्स) भी ग्रामीण बाजारों से मांग में मामूली वृद्धि देख रही है। कंपनी ने एक बयान में कहा, ''समग्र बिक्री में उभरते बाजार के आउटलेट (ग्रामीण आउटलेट) में पिछले वर्ष की समान अवधि की तुलना में Q1 वित्त वर्ष 21 में मामूली सुधार हुआ है।"
एक अच्छी रबी और खरीफ फसल के मौसम के बाद ग्रामीण अर्थव्यवस्था मजबूत होने के साथ, ग्रामीण बाजार एक हद तक वाहन निर्माताओं को शहरी बाजारों में खोई हुई जमीन को पाटने में मदद कर रहे हैं। इसके अलावा, मेट्रो शहरों में आसमान छूते संक्रमण के मामलों की तुलना में, ऐसे कम संख्या वाले टियर 2 शहरों में आर्थिक गतिविधियां सामान्य हैं।
रिपोर्ट के मुताबिक ह्यूंदै इंडिया, किआ मोटर्स, एमजी मोटर और महिंद्रा ने अभी इस स्थिति पर अपनी टिप्पणी और प्रतिक्रिया नहीं दी है।