फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

त्योहारों में गाड़ियों की बिक्री बढ़ने से खिले वाहन निर्माताओं के चेहरे, कंपनियों ने बढ़ाया उत्पादन

Tue, 20 Oct 2020 05:14 PM IST
Harendra Chaudhary ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

ऑटो कंपनियों के लिए कलपुर्जे बनाने वाली कंपनियों का कहना है कि मारुति और ह्यूंदै ने अक्तूबर में अपने उत्पादन में 15 से 20 फीसदी की बढ़ोतरी की है...
विज्ञापन
Renault Car Plant - फोटो : Renault (For Refernce Only)
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

त्योहारी सीजन में गाड़ियों की बिक्री में अच्छी खासी बढ़ोतरी देखी जा रही है। वहीं बिक्री की इस रफ्तार को देख कर डीलर्स के अलावा कार कंपनियों के चेहरे भी खिले हुए हैं। वाहन निर्माता कंपनियों ने अपने औद्योगिक उत्पादन क्षमता में 15 से 20 फीसदी का सुधार किया है। कुल मिला कर सितंबर में पिछले साल के मुकाबले 16 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है, जो अक्तूबर में भी जारी रहने की उम्मीद है।

विज्ञापन

एमजी मोटर ने बनाई 4000 गाड़ियां

एमजी मोटर ने भी उत्पादन में बढ़ोतरी की है। कंपनी जहां बामुश्किल 3,000 गाड़ियां हर महीने बनाती थी, ये उत्पादन केवल एक ही शिफ्ट में होता था। लेकिन अक्तूबर उनके लिए लकी रहा है। अक्तूबर में कंपनी ने 4 हजार से ज्यादा गाड़ियां बनाई हैं और वो भी केवल डेढ़ शिफ्ट में।

कोविड से पहले की क्षमता पर काम

ऑटो कंपनियों के लिए कलपुर्जे बनाने वाली कंपनियों का कहना है कि मारुति और ह्यूंदै ने अक्तूबर में अपने उत्पादन में 15 से 20 फीसदी की बढ़ोतरी की है। ईटी की रिपोर्ट के मुताबिक सितंबर में मारुति ने 24 फीसदी और ह्यूंदै ने 11 फीसदी की बढ़ोतरी देखी थी। ऑटो सेक्टर से जुड़े लोगों का कहना है कि अधिकांश ऑरिजिनल इक्विपमेंट मैन्युफैक्चरर्स (ओईएम) सितंबर-अक्तूबर में कोविड से पहले की क्षमता पर काम कर रहे हैं। उपकरण निर्माता कंपनियों को ऑटो कंपनियों से मिले शिड्यूल बताते हैं कि वे कोविड से पहले के स्तर पर पहुंच चुके हैं।
विज्ञापन

खोज रहे नए रास्ते

सितंबर तक यात्री वाहन निर्माताओं ने वित्त वर्ष 20-21 में 55 फीसदी क्षमता के साथ 65 लाख कारें बनाईं, जो वित्त वर्ष 18-19 से 70 फीसदी कम है। वहीं कम क्षमता के इस्तेमाल के चलते ऑटो कंपनियों ने बाकी बची क्षमता का उपयोग करने के लिए कई विकल्प आजमाने के लिए प्रेरित किया। जैसे होंडा कार्स ने राइट-हैंड ड्राइव वाले विदेशी बाजार में निर्यात के रास्ते खोजे। वहीं टोयोटा ने कॉन्ट्रैक्ट मैन्युफैक्चरिंग के लिए मारुति सुजुकी के साथ गठजोड़ किया। वहीं फॉक्सवैगन भी दूसरे निर्माताओं के साथ बातचीत करके नई संभावनाएं तलाश रही है। वहीं एमजी मोटर भी विस्तार करने की बजाय कॉन्ट्रैक्ट मैन्युफैक्चरिंग का रुख करने की योजना बना रही है। इससे पहले फोर्ड और महिंद्रा एंड महिंद्रा पहले ही एक-दूसरे की कारों का निर्माण करने में सहयोग करेंगी।
 
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें