महामारी के संकट और मार्च के आखिरी हफ्ते में लागू किए गए लॉकडाउन के कारण अप्रैल-जून तिमाही में घरेलू वाहन कंपनियों की बिक्री में भारी गिरावट दर्ज की गई। इसके चलते उनके 2020-21 की पहली तिमाही के कारोबार परिणाम निराशाजनक रह सकते हैं।
वित्तीय सेवा फर्म जेफेरीज ने सोमवार को एक शोधपत्र जारी किया है जिसमें इस बात की आशंका जताई गई है। रिपोर्ट के मुताबिक आने वाले दिनों में Maruti Suzuki (मारुति सुजुकी), TVS (टीवीएस) और Bajaj Auto (बजाज ऑटो) जैसी कई वाहन कंपनियां अपने जून तिमाही परिणाम जारी करने जा रही हैं।
जेफेरीज ने एक शोधपत्र में कहा, "कोविड-19 संकट के बीच वाहनों की बिक्री में भारी गिरावट के चलते 2020-21 की पहली तिमाही घरेलू वाहन कंपनियों के लिए सबसे बुरी तिमाहियों में से एक रहने की आशंका है।"
शोधपत्र के अनुसार सालाना आधार पर यात्री वाहन और दोपहिया वाहनों की बिक्री में इस दौरान 74 से 78 फीसदी की गिरावट आई है। जबकि ट्रकों की बिक्री 93 फीसदी गिरी है।
रिपोर्ट में कहा गया है कि ट्रैक्टरों की बिक्री में गिरावट अन्य की अपेक्षा थोड़ी संभली रही। इनकी बिक्री 18 से 20 फीसदी गिरने की ही संभावना है। जबकि दोपहिया वाहनों का निर्यात 62 फीसदी तक गिरा है।
जेफेरीज ने कंपनियों की अप्रैल-जून तिमाही की बिक्री में गिरावट के आधार पर वर्ष 2020-21 की पहली तिमाही में वाहनों के मूल कलपुर्जे बनाने वाली कंपनियों की आय में सालाना आधार पर 71 फीसदी तक गिरावट आने का अनुमान लगाया है।
जेफेरीज ने यह रिपोर्ट विभिन्न श्रेणियों के वाहन बनाने वाली नौ कंपनियों के आंकड़ों का विश्लेषण कर बनाई है। इसमें अशोक लीलैंड, बजाज ऑटो, हीरो मोटोकॉर्प, मारूति सुजुकी, आयशर मोटर्स, महिंद्रा एंड महिंद्रा, टीवीएस मोटर, मदरसन सूमी और भारत फोर्ज शामिल हैं।