भारतीय ऑटोमोबाइल बाजार के लंबे समय तक मंदी में फंसे रहने की आशंका है। लेकिन यह स्थिति ऑटोमोबाइल कंपनियों को नए उत्पादों में लाखों डॉलर का निवेश करने से नहीं रोक रही है, क्योंकि वाहन उत्पादन कारखाने अपनी क्षमता से कम काम कर रहे हैं।
ऑटोमोबाइल निर्माता के 30,000 से 35,000 करोड़ रुपये के निवेश करने की संभावना है। यह निवेश ज्यादातर नए उत्पादों को लॉन्च करने के लिए होगा क्योंकि ये मांग को फिर से पैदा करने और वृद्धि दर्ज करने में एक महत्वपूर्ण कारक हैं। इसमें से निवेश का कुछ हिस्सा नई क्षमताओं को स्थापित करने में भी इस्तेमाल होगा। अगले 12 से 18 महीनों में दो दर्जन के करीब गाड़ी के नए मॉडल लॉन्च होंगे क्योंकि पैसेंजन व्हीकल्स निर्माता ग्राहकों का उत्साह बढ़ाने की उम्मीद करते हैं।
टॉप 3 कार निर्माता कंपनियां - Maruti Suzuki (मारुति सुजुकी), Hyundai Motor India (ह्यूंदै मोटर इंडिया) और Mahindra & Mahindra (महिंद्रा एंड महिंद्रा) - अगले 12-18 महीनों में कुल 15,000 करोड़ रुपये का निवेश करेंगी।
Maruti Suzuki नई पीढ़ी के उत्पादों के साथ ही Vitara Brezza (विटारा ब्रेजा), S Cross (एस क्रास) और Ertiga (अर्टिगा) के BS6 पेट्रोल वर्जन पेश करेगी। Hyundai 2020 में नई पीढ़ी के Creta (क्रेटा), Elite i20 (एलीट आई 20) and Verna facelift (वर्ना फेसलिफ्ट) को लॉन्च करने जा रही है। Mahindra & Mahindra अगले 12-18 महीनों में Thar (थार), Scorpio (स्कॉर्पियो) और XUV 500 (एक्सयूवी 500) के नए वर्जन पेश करने की योजना बना रही है।
महिंद्रा एंड महिंद्रा के मैनेजिंग डायरेक्टर पवन गोयनका ने कहा, "एक बिलकुल नया प्लेटफॉर्म की लागत 1,200 करोड़ और 1,500 करोड़ रुपये के बीच है।" उन्होंने कहा, "तीनों ही नए प्लेटफॉर्म हैं, जिससे आपको अंदाजा होगा कि निवेश क्या होगा।"
Tata Motors अपनी लाइनअप की सबसे टॉप गाड़ी SUV Gravitas लॉन्च करेगी। इसके साथ ही H2X कॉन्सेप्ट पर आधारित एक सब-कॉम्पैक्ट SUV के साथ-साथ कई मॉडल्स लॉन्च करेगी जिसे अपने पोर्टफोलियो को ज्यादा बेहतर बनाकर भारतीय ग्राहक के एक बड़े आधार को लक्ष्य करेगी।
Maruti Suzuki को आने वाली तिमाहियों में बाजार के उबरने का भरोसा है और वह गुजरात में अपना 5,000 से 6000 करोड़ रुपये का तीसरा विनिर्माण संयंत्र शुरू करेगी।