मध्यभारत के बड़े शहर नागपुर में लॉकडाउन लगने से बिक्री घट गई है और मांग में कमी आई है। नागपुर में एक हफ्ते का लॉकडाउन लगा है, जो सोमवार से शुरू हो चुका है और इस दौरान के जरूरी सेवाओं की ही अनुमति दी गई है।
वहीं लॉकडाउन के चलते नागपुर के ग्राहकों ने गाड़ियों की डिलीवरी को टाल दिया है, साथ ही कई ग्राहकों ने नई गाड़ी खरीदने की योजना को ठंडे बस्ते में डाल दिया है। ऑटोमोबाइल सेक्टर से जुड़े विशेषज्ञों का कहना है कि लॉकडाउन के चलते ग्राहकों में नई गाड़ी खरीदने को लेकर असंमजस की स्थिति है। वहीं जिन ग्राहकों ने गाड़ियों की बुकिंग की थी, उन्होंने तुरंत डिलीवरी लेने से इंकार कर दिया है।
हालांकि फिलहाल केवल नागपुर में ही एक हफ्ते के लिए लॉकडाउन लगा है, लेकिन जिस तरह से कोरोना के नए मामलों की संख्या में इजाफा हो रहा है, उससे ऑटोमोबाइल कंपनियों को डर है कि उनका फिर से उत्पादन और बिक्री प्रभावित हो सकती है, जिसका असर ऑटो सेक्टर पर जबरदस्त पड़ेगा, क्योंकि अभी तक इंडस्ट्री पिछले साल के झटके से ही पूरी तरह से उबर नहीं पाई है।
एक मशहूर ऑटो कंपनी से जुड़े सूत्र का कहना है कि राष्ट्रीय स्तर पर फिलहाल को हालात काबू में हैं और मांग पर कोई खास दबाव नहीं पड़ा है, लेकिन अगर कोरोना के नए मामलों की संख्या लगातार बढ़ती रही और देशभर में लॉकडाउन की नौबत आई तो ऑटो सेक्टर को काफी नुकसान हो सकता है। हालांकि महाराष्ट्र के कुछ शहरों में नाइट कर्फ्यू लगाया गया है, जिससे मांग पर कोई खास असर नहीं पड़ा है।
वहीं ऑटो सेक्टर पहले ही जरूरी सेमीकंडक्टर चिप की शॉर्टेज से परेशान है और इसकी सप्लाई की समस्या से जूझ रही है। जिसके चलते कारों की डिलीवरी में लगातार देरी हो रही है और वेटिंग पीरियड में बढ़ोतरी हो रही है। अगर लॉकडाउन लगाने की नौबत आती है तो ऑटो कंपोनेंट सेक्टर पर इसका सीधा असर पड़ेगा, जिससे फिर से प्रोडक्शन प्रभावित हो सकता है।