85 फीसदी लागत पर खर्च
बिक्री घटने से कई वाहन डीलर नुकसान में आ गए हैं। काले ने कहा कि भारत में डीलरशिप को कुल आमदनी का औसतन 85 फीसदी लागत पर खर्च करना पड़ता है। इसमें कर्मचारियों, ब्याज और इंफ्रास्ट्रक्चर का खर्च मुख्य रूप से शामिल है। उन्होंने पत्र में मांग की है कि बाजारी कीमत का न्यूनतम सात फीसदी मार्जिन डीलर्स को मिंलना चाहिए। वहीं सियाम ने भी फाडा के इस पत्र को अपनी कार्यकारी समिति को भेज दिया है। इस समिति में देश के प्रमुख वाहन निर्माता कंपनियों के अधिकारी शामिल हैं। सियाम से जुड़े सूत्रों का कहना है कि संबंधित डीलर्स के बिक्री मार्जिंन बढ़ाने की मांग पर काम करने के लिए अलग-अलग ओईएम पर छोड़ने का पक्षधर है। वहीं पूरी दुनिया यूरोप और अमेरिका में पैसेंजर्स व्हीकल्स पर बिक्री मार्जिन 6 से 14 फीसदी तक है।