महिंद्रा एंड महिंद्रा ग्रुप के चेयरमैन आनंद महिंद्रा ने बुधवार को यह स्वीकार किया कि एक दशक पहले कम्यूटर बाइक सेगमेंट में प्रवेश करना हमारे समूह की विफलता थी।
आनंद महिंद्रा ने ब्रिटिश एयरलाइन वर्जिन अटलांटिक के एक कार्यक्रम में यह बात कही। महिंद्रा ने कहा दो पहिया गाड़ी के बाजार में घुसते समय ईकोसिस्टम, डिस्ट्रीब्यूशन, आरएंडडी और ब्रांड पोजिशनिंग की बेहतर समझ होने की वजह से सफलता को लेकर पूरा विश्वास था। उन्होंने कहा, "हमें अपने सपने के बारे में मालूम था और हम सही दिशा में थे, लेकिन सफलता कैसे पाएं, इसके तरीके में चूक हो गई।"
महिंद्रा ने कहा कि कम्यूटर बाइक एपिसोड "उत्पाद की विफलता" थी, इस गलती से सीख लेते हुए उन्होंने प्रीमियम टू-व्हीलर सेगमेंट में प्रवेश किया, जहां उन्होंने दावा किया कि समूह सफल रहा है।
वर्जिन समूह के संस्थापक रिचर्ड ब्रैंडसन के साथ मंच साझा करते हुए, महिंद्रा ने कहा कि वे प्रीमियम जावा ब्रांड को एक साल पहले देश में लाए थे, औरयह सफल है, उन्होंने कहा कि इस कल्ट बाइक को खरीदने के लिए पांच महीने का इंतजार करना पड़ रहा है।
उन्होंने कहा कि वे जल्द ही बीएसए बाइक भी लॉन्च करेंगे, जिसे कुछ समय पहले अधिग्रहित किया गया है।
महिंद्रा ग्रुप ने जुलाई 2008 में काइनेटिक मोटर्स को खरीद कर टू-व्हीलर सेगमेंट में एंट्री की थी। कंपनी ने फ्रीडम बाइक को मोजो नाम से रिलॉन्च किया था, लेकिन 10 साल बाद भी मोजो कोई खास पहचान नहीं बना पाई।
टू-व्हीलर सेगमेंट में हीरो मोटोकॉर्प और जापानी कंपनी होंडा का दबदबा है। सालाना 2.1 करोड़ दोपहिया वाहनों की बिक्री में इन दोनों कंपनियों की करीब दो तिहाई हिस्सेदारी है। इसके बीच बीते वित्त वर्ष 2019 में महिंद्रा की महज 4,004 बाइक की बिक्री हुई, जो कि वित्त वर्ष 2018 की तुलना में बिक्री में 73 फीसदी कम है।