नितिन गडकरी ने यह भी बताया कि जो लोग इलेक्ट्रिक वाहनों में शिफ्ट नहीं करेंगे, उनके पास एथेनॉल, मेथनॉल और बॉयो सीएनजी से भी बसों को चलाने का विकल्प होगा। गडकरी अपने एक बयान में पहले ही बता चुके हैं कि लोगों पर इलेक्ट्रिक वाहनों का नियम जबरदस्ती थोपा नहीं जा सकता। इलेक्ट्रिक मोबिलिटी नेचुरल प्रोसेस से चलन में आएगा। ऐसे में पेट्रोल और डीजल वाहनों पर प्रतिबंध नहीं लगाया जा सकता।
पिछले 10 महीनों से भारतीय ऑटो मोबाइल सेक्टर के मंदी के दौर से गुजर रहा है। लेकिन नितिन गडकरी इलेक्ट्रिक वाहनों का समर्थक रहे हैं। लेकिन नीति आयोग के पेट्रोल और डीजल से चलने वाले टू-व्हीलर और थ्री व्हीलर वाहनों पर रोक लगाने के प्रस्ताव को लागू करने के प्रस्ताव पर रोक भी लगा चुके हैं। जानकारी के लिए बता दें कि सरकारी थिंक-टैंक नीति आयोग ने इस साल जून में एक सुझाव दिया था जिसमें पेट्रोल और डीजल से चलने वाले सभी टू-व्हीलर वाहनों को साल 2023 और थ्री व्हीलर वाहनों पर साल 2025 तक पूरी तरह से प्रतिबंध लगाने की समय सीमा तय की थी।