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ना कहने के बाद, Toyota ने भारत में विस्तार योजना के लिए हामी भरी, कहा- 2000 करोड़ करेंगे निवेश

Wed, 16 Sep 2020 02:16 PM IST
अमर शर्मा ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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Vikram S Kirloskar, Vice Chairman, Toyota Kirloskar Motor - फोटो : ToyotaBharat
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Toyota Motor Corporation (टोयोटा मोटर कॉर्पोरेशन) भारत में अपने कारोबार के विस्तार नहीं करने के बयान से पलट गई है। ऑटो निर्माता ने मंगलवार को कहा कि वह भारतीय बाजार के लिए प्रतिबद्ध है और उसकी भारतीय इकाई ने 2,000 करोड़ से ज्यादा के निवेश की घोषणा की है। कंपनी ने यह प्रतिक्रिया मीडिया रिपोर्ट के बाद दी जिसमें कंपनी के एक शीर्ष अधिकारी ने कहा कि कंपनी अपनी विस्तार योजनाओं को रोक देगी क्योंकि भारत में कारों पर टैक्स बहुत ज्यादा है। 
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विक्रम किर्लोस्कर ने ट्वीट कर दी जानकारी
टोयोटा की भारतीय इकाई Toyota Kirloskar Motors (टोयोटा किर्लोस्कर मोटर्स) के उपाध्यक्ष विक्रम किर्लोस्कर ने ट्विटर पर एक पोस्ट में कहा, "भारत में टिकाऊ गतिशीलता का भविष्य मजबूत है और टोयोटा इस यात्रा का हिस्सा बनने पर गर्व महसूस करती है। हम वाहनों के विद्युतीकरण के लिए 2000+ करोड़ रुपये का निवेश कर रहे हैं।" 

शेखर विश्वनाथन ने क्या कहा था
विक्रम किर्लोस्कर का इस बयान से पहले टोयोटा के भारतीय यूनिट Toyota Kirloskar Motor (टोयोटा किर्लोस्कर मोटर) के वाइस चेयरमैन शेखर विश्वनाथन ने कहा था कि सरकार ने कार और मोटरसाइकिल पर ज्यादा टैक्स लगा रखा है जिससे कंपनियों को अपने व्यापार को बढ़ाने में काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा, ज्यादा टैक्स की वजह से गाड़ियां उपभोक्ताओं की पहुंच से बाहर हो रही हैं। इसका मतलब यह भी है कि फैक्ट्रियों में काम नहीं होगा और नौकरियां पैदा नहीं होगी। 

एक दिन में बदले बयान
रिपोर्ट के अनुसार, विश्वनाथन ने एक इंटरव्यू में ज्यादा टैक्स और कारोबार के मुद्दे पर कहा था कि, "हमारे यहां आने और निवेश करने के बाद यह संदेश मिला कि हम आपको नहीं चाहते हैं।" टोयोटा दुनिया की सबसे बड़ी ऑटोमोबाइल कंपनियों में शुमार है। भारत में बंगलूरू के उपनगरीय इलाके में टोयोटा के दो प्लांट हैं, जहां यह Etios (इटियोस), Innova (इनोवा) और Fortuner (फॉर्च्यूनर) जैसी कारों और यूटिलिटी व्हीकल बनाती है।

एक ही दिन में घटनाक्रम में कई बार बदलाव देखने को मिला। टोयोटा किर्लोस्कर ने पहले भारत के प्रति अपनी प्रतिबद्धता जाहिर की और बाद में किर्लोस्कर ने निवेश योजनाओं का सार्वजनिक एलान किया। 

जापानी ऑटो दिग्गज ने एक बयान में जोर देकर कहा कि भारत कंपनी की वैश्विक रणनीति का एक "अभिन्न अंग" है। कंपनी ने कहा कि वह भारत सरकार से टैक्स कटौती के कदम के जरिए ऑटो उद्योग का समर्थन करने की उम्मीद करती है। 

टोयोटा किर्लोस्कर ने जारी किया बयान
टोयोटा किर्लोस्कर मोटर ने बयान में कहा, "टोयोटा किर्लोस्कर मोटर यह बताना चाहेगी कि हम भारतीय बाजार के लिए प्रतिबद्ध हैं और देश में हमारा परिचालन हमारी वैश्विक रणनीति का एक अभिन्न अंग है। हमें अपने द्वारा पैदा की गई नौकरियों को बचाने की जरूरत है और हम ऐसा करने के लिए हर संभव प्रयास करेंगे। भारत में अपने दो दशकों के संचालन के दौरान, हमने एक मजबूत, प्रतिस्पर्धी स्थानीय आपूर्तिकर्ता पारिस्थितिकी तंत्र बनाने और एक मजबूत, सक्षम मानव संसाधन विकसित करने के लिए भरसक कोशिश की है। हमने जो भी बनाया है, उसकी पूरी क्षमता का उपयोग सुनिश्चित करना है और इसमें समय लगेगा।" टोयोटा किर्लोस्कर ने कहा, "मंदी के मद्देनजर जिसे कोविड-19 के प्रभाव ने बढ़ा दिया है, ऑटो उद्योग एक व्यवहार्य टैक्स संरचना के माध्यम से उद्योग को बनाए रखने के लिए सरकार से समर्थन के लिए अनुरोध कर रहा है। हमें भरोसा है कि सरकार उद्योग और रोजगार के लिए हर संभव मदद करेगी।" 
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जावड़ेकर के ट्वीट पर विक्रम की हामी
निवेश योजनाओं पर विक्रम किर्लोस्कर का ट्वीट पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन के केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर के एक ट्वीट के जवाब में था। जावड़ेकर ने ट्वीट कर मीडिया रिपोर्ट को 'गलत' करार दिया था और कहा था कि टोयोटा भारत में अगले 12 महीनों में 2,000 करोड़ रुपये से ज्यादा का निवेश करेगी। 

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